ताजा खबरें | संसद ने दी जैव विविधता संशोधन विधेयक को मंजूरी

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद ने मंगलवार को जैव विविधता (संशोधन) विधेयक, 2023 को मंजूरी दे दी जिसमें जैव संसाधनों के संरक्षण, पेटेंट संबंधी आवेदन की प्रक्रिया को सुगम बनाने पर जोर दिया गया है।

नयी दिल्ली, 25 जुलाई संसद ने मंगलवार को जैव विविधता (संशोधन) विधेयक, 2023 को मंजूरी दे दी जिसमें जैव संसाधनों के संरक्षण, पेटेंट संबंधी आवेदन की प्रक्रिया को सुगम बनाने पर जोर दिया गया है।

राज्यसभा ने विधेयक को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है।

इससे पहले विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि इस विधेयक को लाने के मुख्य तीन उद्देश्यों में जैव विविधता को संरक्षित करना, इसके घटकों का सतत उपयोग करना और जैविक संसाधनों के उपयोग से होने वाले लाभ का जायज एवं समान रूप से विभाजन शामिल है।

उन्होंने कहा कि देश में अभी जैव विविधता को संरक्षित करने की त्रिस्तरीय व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकार, राज्य स्तर पर राज्य प्राधिकार और स्थानीय स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समिति है।

यादव ने कहा कि सरकार मूल अधिनियम में जो संशोधन लायी है उसका मकसद आदिवासियों, स्थानीय लोगों को एक तंत्र प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य पेटेंट के आवेदन के लिए प्रक्रिया को सुगम बनाना है और यह प्रक्रिया केवल जैव विविधता ही नहीं बल्कि इंजीनियरिंग जैसे विविध क्षेत्रों के लिए भी होगी।

उन्होंने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य औषधीय पौधों को उगाने को प्रोत्साहन देना है ताकि भारतीय दवा कंपनियां इनका अधिकाधिक उपयोग कर सकें।

यादव ने देश के विभिन्न हिस्सों में जैव विविधता वाले क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुर्वेद में औषधियों के बारे में विस्तृत विवरण है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक औषधियों के माध्यम से रोजगार पैदा करना एक मुख्य चुनौती है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है।

उच्च सदन में जब इस विधेयक पर चर्चा हुई और इसे पारित किया गया, उस समय विपक्ष के सदस्य उपस्थित नहीं थे। विपक्षी दलों के सदस्य मणिपुर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान की मांग को लेकर पहले ही सदन से बहिर्गमन कर गये थे।

विधेयक पर हुई चर्चा में भाग लेने वाले अधिकतर सदस्यों ने इसका समर्थन करते हुए देश की जैव विविधता को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। चर्चा में बीजू जनता दल की सुलता देव, भाजपा के भुवनेश्वर कालिता, बृजलाल, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अयोध्या रामी रेड्डी आला एवं विजयसाई रेड्डी, तमिल मनीला कांग्रेस (एम) के जी के वासन, बहुजन समाज पार्टी के रामजी ने भी भाग लिया।

इस विधेयक में जैव संसाधनों के संरक्षण, पेटेंट संबंधी आवेदन की प्रक्रिया को सुगम बनाने पर जोर दिया गया है।

इसमें जैव विविधता पर संयुक्त राष्ट्र संधि और नागोया प्रोटोकाल के उद्देश्यों से समझौता किये बिना अनुसंधान को तेज करने, पेटेंट आवेदन की प्रक्रिया को सुगम बनाने पर भी जोर दिया गया है।

माधव ब्रजेन्द्र

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\