जयपुर, 11 फरवरी राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को कहा कि पंडित उपाध्याय ने विकास का आधार एकात्म मानव दर्शन बताया है और उनका दर्शन युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिज्ञों के लिए प्रेरणादायक है।
देवनानी ने यह भी कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र के भविष्य की संकल्पना के लिए गहन चिंतन किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने राज्य की राजधानी जयपुर के धानक्या स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्मारक स्थल पर उनकी प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित किए।
देवनानी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह समिति द्वारा उपाध्याय की 57वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित नेत्र चिकित्सा शिविर की शुरुआत की तथा स्मारक स्थल से संबंधित चित्रों की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा, ‘‘पंडित उपाध्याय ने राष्ट्र सेवा को ही अपने जीवन का ध्येय बनाया। उन्होंने पांचजन्य, स्वदेश, राष्ट्र धर्म जैसे समाचार पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से राष्ट्रीय जागरण और राष्ट्रीय विचारों का प्रचार-प्रसार किया।’’
देवनानी ने कहा, ‘‘उन्होंने (पंडित उपाध्याय ने) भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विकेन्द्रीकृत राजनीति और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को केन्द्र में रखकर आधुनिक तकनीकों को शामिल करने का सुझाव दिया था।’’
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पंडित उपाध्याय की पुण्यतिथि पर हम सभी को उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लेना होगा और राष्ट्र को प्रथम रखकर उन्नत, विकसित तथा समृद्ध भारत को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए हम सभी को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी धानक्या में आयोजित प्रार्थना सभा में शामिल हुए और स्मारक स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी तथा डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम, पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह समिति अध्यक्ष प्रो. मोहन लाल छीपा सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कुंज पृथ्वी
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