जरुरी जानकारी | विदेशों में पाम, पामोलीन के दाम बढ़ने, त्योहारी मांग से बीते सप्ताह तेल-तिलहन कीमतों में सुधार
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नयी दिल्ली, नौ मार्च विदेशी बाजारों में पाम, पामोलीन के दाम बढ़ने तथा फरवरी में कम आयात के बीच देश में त्योहारी मांग बढ़ने के कारण बीते सप्ताह लगभग सभी तेल-तिलहनों के दाम सुधार के साथ बंद हुए।
बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि बीते सप्ताह विदेशों में कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन के दाम बढ़े हैं। इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) बाजार अटकलों को धता बताते हुए सोयाबीन की बिक्री कम दाम पर नहीं कर रहा है। इसके कारण सोयाबीन के दाम में सुधार आया। महंगा होने की वजह से सूरजमुखी, सीपीओ और पामोलीन का फरवरी में आयात कम हुआ है। इधर देश में कम उत्पादन के बीच खाद्य तेलों की मांग बढ़ रही है। होली और रमजान जैसे त्योहार सामने है। इन सब परिस्थितियों के बीच सभी खाद्य तेल-तिलहनों के दाम सुधार दर्शाते बंद हुए।
सूत्रों ने कहा कि सरसों के सर्वाधिक उत्पादन वाले राज्य, राजस्थान के किसानों ने कहा है कि वे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर सरसों की बिक्री नहीं करेंगे। होली के बाद सरकार के द्वारा एमएसपी पर सरसों की खरीद किये जाने की संभावना है। पिछले साल की तरह इस बार बाजार में सरसों बिकवाली का दबाव कम है और किसान पूरी सूझबूझ के साथ सरसों बेचने की कोशिश करते दिख रहे हैं। उन्हें सरसों का वाजिब दाम चाहिये इसलिए रोक-रोक कर फसल मंडियों में ला रहे हैं। इन परिस्थितियों में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सरसों तेल-तिलहन के दाम सुधार के साथ बंद हुए।
सूत्रों ने कहा कि इस समय सोयाबीन तेल के मुकाबले सूरजमुखी तेल का दाम 10-12 रुपये किलो और पाम-पामोलीन का दाम 5-6 रुपये किलो अधिक है। दाम अधिक होने से सूरजमुखी और पाम-पामोलीन का आयात कम हुआ है। इसकी कमी को तभी पूरा किया जा सकता है जब सोयाबीन का सामान्य से काफी अधिक आयात हो। सोयाबीन तेल के आयात में कुछ अधिक ही वक्त लगता है। जब तक पाम, पामोलीन और सूरजमुखी तेल के दाम सस्ते नहीं होंगे, आयात और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि नेफेड बाजार की अटकलों के उलट पूरी सूझबूझ के साथ सोयाबीन की नीचे दाम पर बिक्री नहीं कर रहा है। इससे सोयाबीन के दाम में सुधार भी देखने को मिला। नेफेड अगर सोयाबीन की कम दाम पर बिकवाली करता तो सोयाबीन के दाम टूटते और आगे जो बिजाई शुरू होने वाली है, वह बिजाई प्रभावित होती।
उन्होंने कहा कि विदेशों में दाम सुधरने की वजह से समीक्षाधीन सप्ताह में पाम-पामोलीन तेल कीमतों में भी सुधार आया। सूत्रों ने कहा कि सस्ता होने और त्योहारों का मौसम होने के कारण बिनौला तेल की मांग है। इस वजह से बीते सप्ताह बिनौला सीड के दाम में 250-300 रुपये क्विंटल की वृद्धि हुई है। इस बार कपास का उत्पादन भी कम है और किसानों के पास अधिकतम 20 प्रतिशत फसल बची रह गई है और इसमें से ज्यादा उपज मजबूत किसानों के पास है जो अच्छे दाम मिलने का इंतजार कर सकते हैं। इसकी अगली फसल आने में सात माह बाकी है। इन परिस्थितियों में बिनौला तेल के दाम में भी बीते सप्ताह सुधार दर्ज हुआ।
बीते सप्ताह सरसों दाने का थोक भाव 10 रुपये सुधार के साथ 6,260-6,360 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों दादरी तेल का थोक भाव 50 रुपये सुधार के साथ 13,650 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल का भाव क्रमश: 20-20 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 2,370-2,470 रुपये और 2,370-2,495 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ।
समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 25-25 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 4,225-4,275 रुपये और 3,925-3,975 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। इसी तरह, सोयाबीन दिल्ली एवं सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम के दाम क्रमश: 50 रुपये, 100 रुपये और 25 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 14,200 रुपये, 13,850 रुपये और 10,125 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।
समीक्षाधीन सप्ताह में मूंगफली तिलहन का भाव 75 रुपये के सुधार के साथ 5,675-6,000 रुपये क्विंटल पर बंद हुआ। वहीं, मूंगफली तेल गुजरात और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल का भाव क्रमश: 100 रुपये और 25 रुपये के सुधार के साथ 14,400 रुपये और 2,225-2,525 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।
कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का दाम 50 रुपये के सुधार के साथ 13,200 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली का भाव 100 रुपये की तेजी के साथ 14,800 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव 50 रुपये सुधार के साथ 13,700 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
तेजी के आम रुख के अनुरूप, सबसे सस्ता होने और त्योहारी मांग के कारण समीक्षाधीन सप्ताह में बिनौला तेल 250 रुपये की तेजी के साथ 13,700 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 09, 2025 10:16 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

