जरुरी जानकारी | मलेशिया मजबूत होने से पाम, पामोलीन में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कच्चा पामतेल (सीपीओ) का दाम मजबूत होने के बीच दिल्ली के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सीपीओ और उससे बनने वाले रिफाइंड- पामोलीन तेल के दाम मजबूत बंद हुए। वहीं विशेषकर नरम खाद्यतेल (सॉफ्ट आयल) की कम आपूर्ति के बीच सरसों, सोयाबीन एवं मूंगफली तेल तिलहन और बिनौला तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रही।

नयी दिल्ली, 29 फरवरी कच्चा पामतेल (सीपीओ) का दाम मजबूत होने के बीच दिल्ली के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सीपीओ और उससे बनने वाले रिफाइंड- पामोलीन तेल के दाम मजबूत बंद हुए। वहीं विशेषकर नरम खाद्यतेल (सॉफ्ट आयल) की कम आपूर्ति के बीच सरसों, सोयाबीन एवं मूंगफली तेल तिलहन और बिनौला तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रही।

दोपहर 3.30 बजे मलेशिया एक्सचेंज 1.5 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ। शिकॉगो एक्सचेंज में गिरावट रही।

बाजार सूत्रों ने कहा कि बंदरगाहों पर सीपीओ का दाम पहले के 950 डॉलर से बढ़कर 965 डॉलर प्रति टन हो गया जिससे सीपीओ और पामोलीन के भाव मजबूत हो गये। सस्ते आयातित तेलों के मुकाबले दाम ऊंचा होने के कारण सूरजमुखी, सोयाबीन, बिनौला, मूंगफली और सरसों पर दवाब है और इनमें से ज्यादातर की बिक्री न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से भी कम दाम पर हो रही है।

साफ्ट आयल का आयात भी कम हुआ है और आपूर्ति की कमी है और इसी कारण आयातित तेल प्रीमियम दाम के साथ बिक रहा है। आगे जाकर त्योहारों की मांग आयेगी और ऐसे में नरम तेलों की दिक्कत बढ़ सकती है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में सहकारी संस्था ‘हाफेड’ 28 फरवरी से किसानों से सरसों की खरीद की अधिसूचना जारी की है और इसके लिए 104 खरीद केन्द्र खोले गये हैं। इसके अलावा वह राज्य के गरीब उपभोक्ताओं के लिए सस्ते में राशन की दुकानों के माध्यम से सरसों तेल उपलब्ध करा रही है।

इससे उपभोक्ताओं को सस्ता तेल भी मिल रहा है। तेल मिलें भी चल रही हैं। किसानों की उपज भी खप रही है। तेल तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए यह स्थिति कहीं बेहतर है जिसमें सभी को फायदा है।

सूत्रों ने कहा कि देश के प्रमुख तेल संगठनों को सरकार को बताना होगा कि देश में तेल तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए सस्ते आयात के बजाय देशी तेल तिलहन के खपने की स्थिति तैयार करना कहीं अधिक जरूरी है जो सभी पक्षों के लिए फायदेमंद है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,295-5335 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,025-6,300 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,700 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,195-2,470 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,700-1,800 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,700 -1,805 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,475 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,025 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,550 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,800 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,800 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,665-4,685 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,465-4,505 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\