विदेश की खबरें | फलस्तीनी प्रधानमंत्री ने मोदी से पश्चिम एशिया में भारत की विशिष्ट भूमिका का किया अनुरोध

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. फलस्तीन के प्रधानमंत्री डॉ. मोहम्मद अश्‍तैये ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत के ‘‘बढ़ते प्रभाव’’ को स्वीकार किया और पश्चिम एशिया में नयी दिल्ली की ‘‘सुस्थापित और विशिष्ट’’ भूमिका का अनुरोध किया।

रामल्ला (पश्चिम तट), तीन नवंबर फलस्तीन के प्रधानमंत्री डॉ. मोहम्मद अश्‍तैये ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत के ‘‘बढ़ते प्रभाव’’ को स्वीकार किया और पश्चिम एशिया में नयी दिल्ली की ‘‘सुस्थापित और विशिष्ट’’ भूमिका का अनुरोध किया।

इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के तरीकों और क्षेत्र में राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की।

बुधवार को फलस्तीन के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि अश्‍तैये ने ग्लासगो में सीओपी-26 शिखर सम्मेलन के इतर मोदी से मुलाकात की, जो फरवरी 2018 में मोदी की फलस्तीन की यात्रा के बाद से दोनों पक्षों के बीच इस तरह की पहली उच्च-स्तरीय बैठक थी।

बयान में कहा गया है कि फलस्तीनी प्रधानमंत्री ने मोदी को क्षेत्र में ताजा राजनीतिक घटनाक्रम से अवगत कराया और फलस्तीन और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने और मजबूत करने के संभावित तरीकों पर चर्चा की।

अश्‍तैये ने बैठक के दौरान कहा, ‘‘फलस्तीन भारत के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है, जिसका अंतरराष्ट्रीय राजनीति में प्रभाव बढ़ रहा है।’’

उन्होंने मोदी से कहा, ‘‘हम भारत के साथ सभी प्रकार के सहयोग के लिए तैयार हैं, जो 2021-2022 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक अस्थायी सदस्य है और 2022-2024 अवधि के लिए मानवाधिकार परिषद के लिए फिर से चुना गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत की विदेश नीति के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य के आधार पर पश्चिम एशिया में उसकी एक सुस्थापित और विशिष्ट भूमिका की उम्मीद करते हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण फलस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार और एक स्वतंत्र फलस्तीन की स्थापना का समर्थन करना है, जिसकी यरुशलम राजधानी हो।’’

फलस्तीनी नेता ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय संगठनों, मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और मानवाधिकार परिषद में भारत की भूमिका को पश्चिम एशिया में सुरक्षा और स्थिरता प्राप्त करने के लिए सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से कड़े प्रयासों की आवश्यकता है, जो भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।’’

अश्‍तैये ने फलस्तीन की जनता को प्रदान की गई भारत की ‘‘उदार वित्तीय और तकनीकी सहायता’’ की भी सराहना की।

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