विदेश की खबरें | अफगानिस्तान को गेहूं की खेप भेजने के लिए भारत को रास्ता देने को तैयार पाकिस्तान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि अफगानिस्तान के लिए मानवीय आधार पर भेजी जा रही 50,000 मीट्रिक टन गेहूं और जीवन रक्षक दवाओं की खेप उसकी सीमा से ले जाने की मंजूरी दिये जाने के बारे में भारत को औपचारिक तौर पर सूचित कर दिया गया है। पाकिस्तान ने इसे मानवता के उद्देश्य से अपवाद के तौर पर दी गयी अनुमति करार दिया है।

इस्लामाबाद, 24 नवंबर पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि अफगानिस्तान के लिए मानवीय आधार पर भेजी जा रही 50,000 मीट्रिक टन गेहूं और जीवन रक्षक दवाओं की खेप उसकी सीमा से ले जाने की मंजूरी दिये जाने के बारे में भारत को औपचारिक तौर पर सूचित कर दिया गया है। पाकिस्तान ने इसे मानवता के उद्देश्य से अपवाद के तौर पर दी गयी अनुमति करार दिया है।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को घोषणा की थी कि उनकी सरकार भारत को पारगमन के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के बाद अपने क्षेत्र के माध्यम से अफगानिस्तान में गेहूं की खेप भेजने की अनुमति देगी।

विदेश कार्यालय (एफओ) ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘इस संबंध में पाकिस्तान सरकार के फैसले से औपचारिक रूप से विदेश मंत्रालय में भारत मामलों के प्रभारी को अवगत करा दिया गया है।’’

इसने कहा कि पाकिस्तान ने अफगान लोगों के प्रति सद्भावना के रूप में भारत से 50,000 मीट्रिक टन गेहूं और जीवन रक्षक दवाओं की खेप ले जाने की अनुमति देने का फैसला किया है।

वर्तमान में, पाकिस्तान केवल अफगानिस्तान को भारत को माल निर्यात करने की अनुमति देता है, लेकिन सीमा पार से किसी दोतरफा व्यापार की अनुमति नहीं देता है।

विदेश कार्यालय ने कहा है कि अफगानिस्तान में गेहूं और दवाओं को ‘मानवीय उद्देश्यों के लिए अपवाद के आधार पर वाघा सीमा’ से प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी।

पिछले महीने भारत ने मानवीय सहायता के रूप में अफगानिस्तान को 50,000 मीट्रिक टन गेहूं भेजने की घोषणा की थी और पाकिस्तान से वाघा सीमा के माध्यम से खाद्यान्न भेजने का अनुरोध किया था।

अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने भी प्रधानमंत्री इमरान खान से अनुरोध किया था कि वह भारत को पाकिस्तान के रास्ते गेहूं परिवहन करने की अनुमति दें। उन्होंने सुझाव दिया था कि तालिबान सरकार भारत से मानवीय सहायता स्वीकार करने को तैयार है।

भारत ने अफगानवासियों की मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति में योगदान किया है और इसके तहत पिछले एक दशक में अफगानिस्तान को 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं उपलब्ध कराया गया है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सितंबर में अफगानिस्तान में मानवीय स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र की उच्च स्तरीय बैठक में कहा था कि पिछले साल भी भारत ने 75,000 मीट्रिक टन गेहूं भेजकर अफगानिस्तान की सहायता की थी।

हालांकि, कश्मीर मुद्दे को लेकर दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों में आई खटास के बीच पाकिस्तान ने अफगानियों को गेहूं उपलब्ध कराने के भारत के प्रयासों पर रोक लगा दी थी।

प्रधानमंत्री खान ने सोमवार को इस्लामाबाद में नव स्थापित अफगानिस्तान अंतर-मंत्रालयी समन्वय प्रकोष्ठ (एआईसीसी) की पहली शीर्ष समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारत को पाकिस्तान की सीमा से अफगानिस्तान में गेहूं की खेप भेजने की रजामंदी की घोषणा की थी।

उन्होंने इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मानवीय संकट से बचाने के लिए अफगानिस्तान का समर्थन करने की सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाई।

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