विदेश की खबरें | पाकिस्तानी तालिबान ने पीएमएल-एन, पीपीपी के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाने की धमकी दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने बुधवार को धमकी दी कि अगर सत्तारूढ़ गठबंधन के दो प्रमुख राजनीतिक दलों ने आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कदम का समर्थन जारी रखा तो वे पार्टी के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाएंगे।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस्लामाबाद, चार जनवरी प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने बुधवार को धमकी दी कि अगर सत्तारूढ़ गठबंधन के दो प्रमुख राजनीतिक दलों ने आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कदम का समर्थन जारी रखा तो वे पार्टी के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाएंगे।

टीटीपी को अल-कायदा का करीबी माना जाता है। उसने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी के नेतृत्व वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सत्तारूढ़ गठबंधन को चेतावनी दी है।

आतंकवादी समूह की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘अगर ये दोनों दल अपने रुख पर कायम रहे और सेना के गुलाम बने रहे तो उनके प्रमुख लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’’

समूह ने चेतावनी दी कि ‘‘लोगों को ऐसे प्रमुख लोगों के करीब जाने से बचना चाहिए।’’ इसने दावा किया कि टीटीपी केवल पाकिस्तान में ‘‘जिहाद’’ चला रहा था और ‘‘हमारा निशाना देश पर कब्जा कर रही सुरक्षा एजेंसियां हैं’’।

इसने विशेष रूप से विदेश मंत्री बिलावल को चेतावनी दी, जिनकी मां पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो 2007 में एक आतंकवादी हमले में मारी गई थीं।

बयान में कहा गया है, ‘‘हालांकि बिलावल अभी बच्चा है, इस बेचारे ने अभी तक नहीं देखा है कि युद्ध की स्थिति क्या होती है।’’ साथ ही इसमें कहा गया है कि पीपीपी नेता ने टीटीपी पर एक खुले युद्ध की घोषणा की थी।

समूह ने यह भी कहा कि उसने लंबे समय से किसी भी राजनीतिक दल के खिलाफ कार्रवाई नहीं की थी लेकिन ‘‘दुर्भाग्य से... बिलावल भुट्टो जरदारी ने अपनी मां के प्यार की प्यास बुझाने के लिए अमेरिका को मां का दर्जा दिया’’।

आतंकवादी संगठन ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री शरीफ ने अमेरिका को खुश करने के लिए टीटीपी के खिलाफ युद्ध में अपनी पूरी पार्टी के समर्थन का वादा किया था।

टीटीपी ने धार्मिक राजनीतिक दलों को यह कहते हुए बख्श दिया कि टीटीपी की नीति में उनके खिलाफ कार्रवाई की कोई गुंजाइश नहीं है। हालांकि, इसमें उनसे कहा गया है कि ‘‘हम आपसे (धार्मिक पार्टियों से) भी अनुरोध करते हैं कि हमारे खिलाफ गतिविधियों से दूर रहें।’’

यह चेतावनी राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के बैनर तले देश के असैन्य-सैन्य नेतृत्व की बैठक के दौरान देश में आतंकवाद के प्रति ‘‘शून्य सहिष्णुता’’ दिखाने के संकल्प के कुछ दिनों बाद आई है।

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