विदेश की खबरें | पाकिस्तान: आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस्लामाबाद, 21 अगस्त पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए सोमवार को एक विशेष अदालत का गठन किया।

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोगी एवं विदेश मंत्री रह चुके शाह महमूद कुरैशी को आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत उनके खिलाफ दर्ज सिफर मामले की सुनवाई के लिए इस अदालत के समक्ष पेश किया गया।

संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने पिछले साल गोपनीय कूटनीतिक दस्तावेजों (सिफर) के लीक होने के मामले में इमरान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के उपाध्यक्ष कुरैशी को शनिवार को गिरफ्तार किया था।

कथित सिफर में पिछले साल दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो के उप विदेश मंत्री डोनाल्ड लू सहित अमेरिकी विदेश विभाग के अन्य अधिकारियों और पाकिस्तानी दूत असद मजीद खान के बीच पिछले साल हुई एक बैठक का विवरण शामिल था।

‘जियो न्यूज’ की खबर के मुताबिक, कुरैशी के खिलाफ सिफर मामले की सुनवाई कर रहे आतंकवाद-रोधी अदालत के न्यायाधीश अबुअल हसनत ने बंद कमरे में कार्यवाही शुरू होने से पहले अनधिकृत लोगों को अदालत कक्ष से बाहर निकालने का आदेश दिया।

न्यायमूर्ति हसनत ने कहा, “यह आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम से जुड़ा मामला है। अप्रासंगिक लोगों को चले जाना चाहिए।”

हालांकि, एफआईए की टीम अदालत कक्ष में मौजूद थी। वहीं, अदालत कक्ष के बाहर इस्लामाबाद पुलिस की बड़ी टुकड़ी तैनात की गई थी।

पीटीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता भी अदालत कक्ष में उपस्थित थे, जबकि पार्टी के कनिष्ठ वकीलों को बाहर जाने का आदेश दिया गया।

सुनवाई की शुरुआत में एफआईए अभियोजक ने कथित लापता ‘सिफर’ की बरामदगी के लिए कुरैशी की रिमांड की मांग की, जबकि वकील शाहीन ने एफआईए की याचिका का विरोध किया। मामले की सुनवाई कानून के अनुरूप बंद कमरे में की जाएगी।

विशेष अदालत की स्थापना राष्ट्रपति आरिफ अल्वी द्वारा आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम को मंजूरी दिये जाने को लेकर उपजे विवाद के बीच हुई है। अल्वी ने सात अगस्त को नेशनल असेंबली को भंग करने से कुछ दिन पहले इस अधिनियम को मंजूरी दे दी थी।

इमरान और कुरैशी पर राजनीतिक लाभ के लिए कूटनीतिक ‘सिफर’ का दुरुपयोग करने के आरोप में इस अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं।

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