विदेश की खबरें | पाकिस्तान ने विदेश मंत्री बिलावल की टिप्पणी पर भारत की आलोचना को खारिज किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी की ‘अभद्र’ टिप्पणी को लेकर भारत द्वारा की गई तीखी आलोचना को शनिवार को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि यह नयी दिल्ली की ‘‘बढ़ती हताशा’’ को दर्शाती है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस्लामाबाद, 17 दिसंबर पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी की ‘अभद्र’ टिप्पणी को लेकर भारत द्वारा की गई तीखी आलोचना को शनिवार को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि यह नयी दिल्ली की ‘‘बढ़ती हताशा’’ को दर्शाती है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ निजी टिप्पणी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बारे में टिप्पणी भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में आतंकवाद को समर्थन देने को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला करने के बाद की। शुक्रवार को, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री की टिप्पणी को ‘‘अभद्र’’ बताते हुए तीखी आलोचना की थी।

बागची ने बिलावल की टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अच्छा होता पाकिस्तान के विदेश मंत्री अपनी ‘‘कुंठा’’ अपने देश में आतंकवादी संगठनों के मुख्य षड्यंत्रकर्ताओं पर निकालते, जिन्होंने आतंकवाद को ‘‘देश की नीति’’ का एक हिस्सा बना दिया है।

बागची ने कहा, ‘‘पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो ओसामा बिन लादेन का एक शहीद के रूप में महिमामंडन करता है और (जकीउर रहमान) लखवी, हाफिज सईद, मसूद अजहर, साजिद मीर तथा दाऊद इब्राहिम जैसे आतंकवादियों को पनाह देता है। कोई अन्य देश संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 126 आतंकवादी, संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 27 आतंकवादी समूह होने को लेकर शेखी नहीं बघार सकता।’’ बागची ने कहा कि मंत्री की टिप्पणी पाकिस्तान के लिए भी एक ‘‘नया निम्न स्तर’’ है।

बिलावल पर विदेश मंत्रालय की टिप्पणियों के संबंध में मीडिया के सवालों के जवाब में यहां विदेश कार्यालय ने शनिवार को एक बयान जारी किया। विदेश कार्यालय ने आरोप लगाया, ‘‘विदेश मंत्रालय का बयान’’ पाकिस्तान को बदनाम करने और अलग-थलग करने में अपनी विफलता पर भारत की बढ़ती हताशा का प्रतिबिंब है।

विदेश कार्यालय ने दावा किया कि अक्टूबर में एफएटीएफ की ‘ग्रे’ सूची से इस्लामाबाद के बाहर निकलने और उसके आतंकवाद विरोधी प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलने के बाद भारत ‘‘पाकिस्तान को बदनाम करने और उसे निशाना बनाने के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल कर रहा है।’’

चार साल बाद पाकिस्तान को पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ‘ग्रे’ सूची से हटा दिया गया। एफएटीएफ आतंकवाद के वित्तपोषण और धन शोधन पर वैश्विक निगरानी रखता है। विदेश कार्यालय ने यह भी आरोप लगाया कि भारत ‘‘अपने पड़ोसियों के प्रति संकीर्ण नजरिया रखने की नीति’’ का पालन कर रहा।

विदेश कार्यालय ने कहा, ‘‘भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों को डराने-धमकाने और उनको नकारात्मक रूप से दिखाने के प्रयास को सरकारी संरक्षण प्राप्त है।’’ साथ ही कहा कि नयी दिल्ली ‘‘पीड़ित होने का काल्पनिक विमर्श चला रहा है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

IPL 2026 Points Table With Net Run-Rate (NRR): राजस्थान रॉयल्स से जीतकर सातवें पायदान पर पहुंची दिल्ली कैपिटल्स, टॉप तीन पर इन टीमों का कब्जा, देखें अपडेट पॉइंट्स टेबल

DC vs RR, IPL 2026 62nd Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से दी करारी शिकस्त, केएल राहुल और अभिषेक पोरेल ने खेली ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

CSK vs SRH, IPL 2026 63rd Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा चेन्नई सुपरकिंग्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

Central Railway: RPF ने चार महीने में 584 बच्चों और जरूरतमंद लोगों को परिवार से मिलाया, 25 यात्रियों की बचाई जान