देश की खबरें | महज 20 रुपये में मरीजों का इलाज करने वाले जबलपुर के मशहूर चिकित्सक ‘पद्मश्री’ डावर का निधन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महंगे इलाज के वर्तमान दौर में भी महज 20 रुपये में मरीजों का इलाज करने वाले मशहूर चिकित्सक पद्मश्री मुनीश्वर चंद्र डावर का शुक्रवार को यहां निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
जबलपुर, चार जुलाई महंगे इलाज के वर्तमान दौर में भी महज 20 रुपये में मरीजों का इलाज करने वाले मशहूर चिकित्सक पद्मश्री मुनीश्वर चंद्र डावर का शुक्रवार को यहां निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उम्र संबंधी व्याधियों के कारण शुक्रवार सुबह उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार शाम चार बजे गुप्तेश्वर मुक्तिधाम में किया गया। चिकित्सक समुदाय सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों ने उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव, राज्य सरकार में मंत्री और जबलपुर के पूर्व सांसद राकेश सिंह सहित कई नेताओं ने डॉक्टर डावर के निधन पर शोक जताया।
यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पद्मश्री डॉ. एम सी डावर के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। यह जबलपुर ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।’’
मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों डॉक्टर डावर से हुई मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें जनसेवा के प्रति उनके समर्पण से बेहद प्रेरणा मिली थी।
उन्होंने कहा, ‘‘आपके देवलोकगमन से मानव सेवा और लोक कल्याण के क्षेत्र में गहरी रिक्तता आई है।’’
सिंह ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘दो रुपये में गरीबों का इलाज करने वाले सुप्रसिद्ध चिकित्सक, जबलपुर के गौरव, पद्मश्री डॉ. एम सी डावर के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका जाना सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति है।’’
डॉक्टर डावर का जन्म 16 जनवरी 1946 को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुआ था और विभाजन के बाद उनका परिवार भारत में बस गया था।
उन्होंने जबलपुर मेडिकल कॉलेज से साल 1967 में एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) की पढाई की।
उन्होंने भारत-पाक युद्ध के दौरान साल 1971 में लगभग एक साल तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
इसके बाद साल 1972 में जबलपुर में उन्होंने लोगों को बहुत मामूली शुल्क पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना प्रारंभ किया।
उन्होंने दो रुपये में लोगों का इलाज शुरू किया और इसके बाद 5, 10 तथा 15 रुपये शुल्क लेकर मरीजों को इलाज करते थे। वर्तमान में वह फीस के रूप में सिर्फ 20 रुपये लेते थे।
मानव सेवा के लिए उनके समर्पण को देखते हुए केन्द्र सरकार ने 2023 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 04, 2025 08:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

