पैकेज: प्रवासियों को मिलेगा मुफ्त अनाज, किसानों, रेहड़ी, पटरी वालों को सस्ता कर्ज
वित्त मंत्री निर्मला सीतामण ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को दो महीने के लिये 5 किलो प्रति व्यक्ति अनाज और प्रति परिवार एक किलो दाल (चना) मुफ्त उपलब्ध कराई जायेगी। साथ ही देश व्यापी लॉकडाउन के कारण बेरोजगार हुए 50 लाख रेहड़ी पटरी वालों को 10,000-10,000 रुपये का कार्यशील पूंजी कर्ज उपलब्ध कराया जायेगा।
नयी दिल्ली, 14 मई सरकार ने बृहस्पतिवार को प्रवासी मजदूरों को मुफ्त अनाज, किसानों को सस्ता कर्ज और रेहड़ी पटरी वालों को कार्यशील पूंजी कर्ज उपलब्ध कराने के लिये 3.16 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की। कोरोना वायरस ‘लॉकडाउन’ के प्रभाव से अर्थव्यवस्था को उबारने और उसे पटरी पर लाने के लिये घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के दूसरे चरण के तहत यह घोषणा की गयी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतामण ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को दो महीने के लिये 5 किलो प्रति व्यक्ति अनाज और प्रति परिवार एक किलो दाल (चना) मुफ्त उपलब्ध कराई जायेगी। साथ ही देश व्यापी लॉकडाउन के कारण बेरोजगार हुए 50 लाख रेहड़ी पटरी वालों को 10,000-10,000 रुपये का कार्यशील पूंजी कर्ज उपलब्ध कराया जायेगा।
इस मौके पर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
उन्होंने यह भी कहा कि 2.5 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये 2 लाख करोड़ रुपये का रियायती कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि रबी फसलों की कटाई के बाद और मौजूदा खरीफ फसल की जरूरतों के लिये राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) मई और जून में 30,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आपात कार्यशील पूंजी कोष किसानों को उपलब्ध कराएगा। यह राशि ग्रामीण सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के जरिये उपलब्ध करायी जाएगी।
वित्त मंत्री ने आवास क्षेत्र को गति देने के वास्ते सस्ते मकानों के लिये कर्ज पर सब्सिडी सहायता योजना की अवधि एक साल बढ़ा दी। इससे 6 लाख रुपये से 18 लाख सालाना आय वाले मध्यम वर्ग के लोगों को लाभ होगा। इस पर कुल 70,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार प्रवासी मजदूरों को मुफ्त अनाज और दाल उपलब्ध कराने के लिये 3,500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी। उन्हें प्रवासी मजदूरों की पहचान करनी होगी और अनाज का वितरण करना होगा।
इस योजना के दायरे में वे प्रवासी श्रमिक आएंगे जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के अंतर्गत नहीं आते या जहां वह रह रहे हैं, उनके पास कोई राशन कार्ड नहीं है।
सरकार प्रवासी मजदूरों के लाभ के लिये राशन कार्ड ‘पोर्टेबिलिटी’ को जल्द से जल्द पूरे देश में लागू करने पर भी विचार कर रही है। इसके तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के दायरे में आने वाले मजदूरों को राशन कार्ड का उपयोग अपनी सुविधा के हिसाब से किसी भी राज्य भी करने की अनुमति होगी।
वित्त मंत्री ने छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिये मुद्रा योजना के तहत 50,000 रुपये के मुद्रा-शिशु कर्ज के पर 2 प्रतिशत ब्याज सहायता देने की भी घोषणा की है।
इसके अलावा सीतारमण ने रेहड़ी, पटरी वालों को 10,000-10,000 रुपये की कार्यशील पूंजी कर्ज उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इस पर 5,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
उन्होंने क्षतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए) कोष का उपयोग कर 6,000 करोड़ रुपये की लागत से रोजगार को गति देने की भी घोषणा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को राहत देते हुये आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिये मंगलवार को 20 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद का करीब 10 प्रतिशत है। इसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मार्च में घोषित 1.70 लाख करोड़ रुपये का पैकेज तथा रिजर्व बैंक द्वारा विभिन्न मौद्रिक नीति उपयों के जरिये 5.6 लाख करोड़ रुपये का दिया गया प्रोत्साहन शामिल हैं।
पैकेज के पहले चरण में सीतारमण ने बुधवार को 5.94 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की जिसमें लघु उद्यमियों को 3 लाख करोड़ रुपये का बिना गारंटी का कर्ज सुलभ कराने की बात कही गयी। साथ ही गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और बिजली वितरण कंपनियों के लिये भी राहत उपायों का ऐलान किया गया।
सरकार ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये 25 मार्च से तीन सप्ताह के ‘लॉकडाउन’की घोषणा की थी जिसे बाद में दो बार करके कुछ राहत देते हुए 17 मई तक बढ़ाया गया। इसके कारण आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से थम गयी और हजारों की संख्या में लोग बेरोजगार हुए।
एक अनुमान के अनुसार ‘लॉकडाउन’ के कारण अप्रैल महीने में 12.2 करोड़ लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा और उपभोक्ता मांग एकदम नदारद रही।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2020 07:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

