देश की खबरें | प. बंगाल: जगदल बम विस्फोट मामले में दो लोगों को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा
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कोलकाता, 16 फरवरी कोलकाता की एक विशेष एनआईए अदालत ने पश्चिम बंगाल में 2021 में हुए जगदल बम विस्फोट मामले में दो लोगों को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। रविवार को एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गयी।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने एक बयान में बताया कि अदालत ने चांद उर्फ आरिफ अख्तर और राहुल पासी को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी तथा उनपर 5000-5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
बयान में कहा गया है कि आठ सितंबर, 2021 को उत्तर 24 परगना जिले के जगदल में इन दोनों ने एक किशोर के साथ मिलकर पूर्व सांसद अर्जुन सिंह के कार्यालय-सह-निवास - मजदूर भवन - के बगल वाले गेट पर लगातार तीन बम फेंके थे।
स्थानीय पुलिस ने अख्तर और किशोर को पकड़ा था। बाद में एनआईए ने 14 सितंबर, 2021 को इस मामले अपने हाथ में लिया था और पासी को गिरफ्तार किया था।
बयान के अनुसार, सीबीआई ने दिसंबर 2021 में आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। पासी और अख्तर को शनिवार को एनआईए की विशेष अदालत ने दोषी ठहराया और सजा सुनाई, जबकि किशोर अब भी माता-पिता की अभिरक्षा में है।
पश्चिम बंगाल के लोकपुर में 2019 में हुए बम विस्फोट के एक अन्य मामले में एनआईए अदालत ने शनिवार को एक व्यक्ति को दोषी ठहराया और उसे 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी।
एनआईए अदालत ने इस मामले के दोषी बबलू मंडल पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। बबलू ने जून, 2022 में अदालत में आत्मसमर्पण किया था।
मंडल के घर पर बम विस्फोट हुआ था। इस सिलसिले में लोकपुर पुलिस ने उसके बेटों-- निरंजन मंडल और मृत्युंजय मंडल को गिरफ्तार किया था। ये दोनों जमानत पर रिहा होने के बाद भाग गये थे, जबकि बबलू मंडल ने बाद में आत्मसमर्पण कर दिया।
एनआईए के बयान के अनुसार, जांच में पता चला कि आरोपियों के परिसर का उपयोग देसी बम बनाने और वहां उनका भंडारण करने के लिए किया जाता था।
एनआईए ने सितंबर, 2020 में इस प्रकरण को अपने हाथ में लेते हुए फिर से मामला दर्ज किया था। एनआईए ने पांच सितंबर, 2022 को तीनों आरोपियों के विरूद्ध आरोपपत्र दाखिल किया था।
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