देश की खबरें | महाराष्ट्र सरकार की अधिसूचना से प्रभावित हुए बिना मप्र को ऑक्सीजन आपूर्ति जारी रहे: अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार की एक अधिसूचना को दरकिनार करते हुए दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की राह आसान कर दी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

इंदौर, 16 सितंबर कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार की एक अधिसूचना को दरकिनार करते हुए दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की राह आसान कर दी।

उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने निजी क्षेत्र के मुंबई स्थित एक आपूर्तिकर्ता को आदेश दिया कि वह उसके अगले आदेश तक महाराष्ट्र सरकार की अधिसूचना से प्रभावित हुए बिना समूचे मध्यप्रदेश में निर्बाध रूप से मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाता रहे।

यह भी पढ़े | Sherlyn Chopra Hot Photos: शर्लिन चोपड़ा ने नेट गाउन पहन फैंस किया हैरान, हॉटनेस देखते रह जाएंगे आप.

उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एस सी शर्मा और न्यायमूर्ति शैलेन्द्र शुक्ला ने शहर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान अंतरिम राहत के तौर पर यह आदेश दिया।

महाराष्ट्र के लोक स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन बनाने वाली औद्योगिक इकाइयों को सात सितंबर को अधिसूचना जारी करके निर्देश दिये थे कि उनकी कुल उत्पादन क्षमता का 80 प्रतिशत हिस्सा मेडिकल ऑक्सीजन बनाने में इस्तेमाल किया जायेगा और इसकी आपूर्ति इसी राज्य के अस्पतालों में की जायेगी।

यह भी पढ़े | Kerala Gold Smuggling Case: राज्य मंत्री के.टी. जलील के इस्तीफे की मांग को लेकर NSUI के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे.

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में इंदौर के एमवायएच की दायर याचिका में महाराष्ट्र सरकार के इन निर्देशों को चुनौती दी गयी है। याचिका में कहा गया है कि ये निर्देश संविधान के संबंधित अनुच्छेदों के साथ ही शीर्ष न्यायालय के उन फैसलों के भी विपरीत हैं जिनमें स्वास्थ्य के अधिकार और चिकित्सा सेवाओं को नागरिकों का बुनियादी हक घोषित किया गया है।

याचिका पर सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश के महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव ने युगल पीठ को बताया कि मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिये एमवायएच और मुंबई की एक निजी कंपनी के बीच 20 मई 2021 तक का करार है। लेकिन अब इस कंपनी ने महाराष्ट्र सरकार की अधिसूचना का हवाला देते हुए मध्यप्रदेश को इस जीवनरक्षक गैस की आपूर्ति रोक दी है।

कौरव ने जोर देकर कहा कि कोविड-19 के मुश्किल दौर में मेडिकल ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर देश का कोई भी राज्य किसी दूसरे प्रदेश के मरीजों के साथ भेदभाव नहीं कर सकता।

युगल पीठ ने एमवायएच की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार के साथ ही केंद्र और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करके जवाब भी तलब किया है।

याचिका पर अगली सुनवाई के लिये 19 अक्टूबर की तारीख तय की गयी है।

गौरतलब है कि संबंधित अधिसूचना के जारी होने के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र के अपने समकक्ष उद्धव ठाकरे से गत बृहस्पतिवार को फोन पर बात की थी। चौहान ने ठाकरे से अनुरोध किया था कि कोविड-19 के गंभीर मरीजों के उपचार के लिये महाराष्ट्र से मध्यप्रदेश को मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति बहाल की जाये।

हर्ष

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\