जरुरी जानकारी | व्यापारियों कं संगठन कैट ने जीएसटी को व्यापक बनाने के उपाय सुझाये

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देशभर के व्यापारियों की संस्था कैट ने बुधवार को माल एवं सेवाकर (जीएसटी) प्रणाली को आसान और कर आधार को व्यापक बनाने के लिये सरकार को तकनीकी आडिट करने और विलंब शुल्क को समाप्त करने जैसे कदम उठाने का सुझाव दिया है।

नयी दिल्ली, एक जुलाई देशभर के व्यापारियों की संस्था कैट ने बुधवार को माल एवं सेवाकर (जीएसटी) प्रणाली को आसान और कर आधार को व्यापक बनाने के लिये सरकार को तकनीकी आडिट करने और विलंब शुल्क को समाप्त करने जैसे कदम उठाने का सुझाव दिया है।

व्यापारियों के संगठन ‘दि कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने जीएसटी प्रणाली को देश में लागू हुये तीन साल पूरे होने के मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ये सुझाव दिये हैं।

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सीतारमण को भेजे संदेश में कैट ने कहा है, ‘‘वर्ष 2017 में जीएसटी को लागू किया जाना एक बड़ा सुधार रहा। यह एक देश एक कर की उद्देश्य के साथ लागू किया गया। इसके साथ ही करों के गहरे प्रभाव को भी दूर करने के लिये इसे अमल में लाया गया। सभी राज्यों की सरकारें एक दूसरे के साथ मिलकर और केन्द्र के साथ मिलकर इस कर को करदाताओं के अधिक अनुकूल बनाने के लिये काम कर रही हैं।’’

व्यापारियों के संगठन ने जीएसटी लागू होने के तीन साल पूरे होने के मौके पर सरकार को बधाई दी और इस बात के लिये सरकार की सराहना की कि व्यापार जगत की ओर से समय समय पर दिये गये सुझावों के मुताबिक इसमें बदलाव भी किये गये।

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कैट ने कहा है, ‘‘हमारा मानना है कि देश को जीएसटी को एक स्थिर कर प्रणाली बनने के लिये अभी दो साल का समय और चाहिये। इसके लिये जीएसटी परिषद को सभी संबद्ध पखों को विश्वास में लेकर कुछ और कदम उठाने होंगे। पूरी प्रणाली को सरल बनाने के जरूरी उपाय किये जायें। प्रणाली से तकनीकी अड़चनों को दूर किया जाना चाहिये और जानबूझकर कर नहीं चुकाने के मामलों को छोड़कर अन्य मामलों में दंडात्मक कार्रवाई से बचा जाना चाहिये। इसके साथ ही से अधिक से अधिक लोगों को जीएसटी प्रणाली को अपनाने के लिये प्रोत्साहित किया जाना चाहिये।

कैट ने कहा है कि जीएसटी को लेकर डर को दूर किये जाने की जरूरत भी है। इससे कर आधार को व्यापक बनाने में काफी मदद मिलेगी। सबसे महतवपूर्ण मुद्दा इसमें यही है कि तकनीकी गड़बड़ियों को दूर किया जाना चाहिये। यह नियमित रूप से कारोबारियों को परेशान करता है। प्रणाली का तकनीकी आडिट नियमित रूप से होना चाहिये।

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