अमनमणि के चमोली में जबरदस्ती बैरियर लांघने संबंधी मामले की जांच के आदेश
उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक, (अपराध एवं कानून—व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में चमोली के पुलिस अधीक्षक को जांच करने को कहा है।
देहरादून, पांच मई उत्तराखंड पुलिस ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के विधायक अमनमणि त्रिपाठी के चमोली जिले में जबरदस्ती बैरियर लांघने संबंधी मामले की जांच के आदेश दिए और कहा कि अगर यह सही पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक, (अपराध एवं कानून—व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में चमोली के पुलिस अधीक्षक को जांच करने को कहा है।
कुमार ने कहा, ‘‘मेरे संज्ञान में आया है कि चमोली में वह :अमनमणि: जबरदस्ती बैरियर लांघकर गये हैं। मैंने चमोली के पुलिस अधीक्षक को इसकी जांच करने को कहा है। अगर यह सही पाया जाता है तो उनके खिलाफ अतिरिक्त मुकदमा दर्ज किया जाएगा।’’
हालांकि, विधायक त्रिपाठी और उनके साथियों को बाद में सोमवार को उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपनी सीमा में प्रवेश करते ही बिजनौर में गिरफ्तार कर लिया।
रविवार को बदरीनाथ-केदारनाथ की यात्रा पर जा रहे उत्तर प्रदेश के निर्दलीय विधायक अमनमणि तथा उनके 10 अन्य साथियों के खिलाफ लॉकडाउन का उल्लंघन करने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
हालांकि, टिहरी जिले के मुनि की रेती पुलिस थाने में विधायक और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया लेकिन 41 ए का नोटिस जारी करते हुए उन्हें तत्काल छोड़ दिया गया।
इससे पहले, चर्चित मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में सजा काट रहे अमरमणि त्रिपाठी के पुत्र अमनमणि और उनके साथियों के तीन कारों के काफिले को पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रास्ते में ही चमोली में गौचर स्थित बैरियर पर रोक लिया।
हालांकि अनुमति होने का हवाला देकर विधायक त्रिपाठी वहां से निकल गए। लेकिन बाद में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें कर्णप्रयाग के पास बैरियर लगाकर रोका और वापस लौटा दिया।
कर्णप्रयाग के उपजिलाधिकारी वैभव गुप्ता के अनुसार, बदरीनाथ मंदिर के कपाट अभी बंद होने के कारण विधायक त्रिपाठी और उनके दल को कर्णप्रयाग से वापस भेज दिया गया।
लेकिन बाद में टिहरी जिले के मुनि की रेती क्षेत्र में पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें फिर रोका और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
अमनमणि और उनके 10 साथियों के लिए तीन वाहनों में बदरीनाथ और केदारनाथ जाने के लिए अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने देहरादून के जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव को पत्र लिखकर 'अनुमति' देने को कहा था।
पत्र में ओम प्रकाश ने कहा था कि त्रिपाठी तथा उनके साथ 10 अन्य सदस्यों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वर्गीय पिताजी के 'श्राद्ध कार्य' हेतु बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम जाना है जिसके लिए अनुमति प्रदान करने का कष्ट करें।
हालांकि, प्रकाश ने बाद में कहा कि जिलाधिकारी की अनुमति देने से पहले जांच करनी चाहिए थी। हालांकि, जिलाधिकारी श्रीवास्तव ने इस मसले पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2020 08:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

