देश की खबरें | सड़क दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को 13.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र के ठाणे में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने 2018 में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए 29 वर्षीय एक व्यक्ति को 13.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
ठाणे, सात जुलाई महाराष्ट्र के ठाणे में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने 2018 में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए 29 वर्षीय एक व्यक्ति को 13.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
आरवी मोहिते की अध्यक्षता वाली एमएसीटी ने दो जुलाई को पारित आदेश में कहा कि यह दुर्घटना पूरी तरह से पिकअप वाहन के तेज व लापरवाही से चलाए जाने के कारण हुई थी।
आदेश की एक प्रति सोमवार को उपलब्ध कराई गई।
पीड़ित पप्पू बालू घागस 15 जनवरी, 2018 को महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मुरबाड से पडघा की ओर कार से जा रहा थी, तभी पिकअप वाहन तेज गति से सड़क के गलत साइड से आ गया और उसकी कार से टकरा गया।
दावेदार ने बताया कि पिकअप वाहन की टक्कर के कारण कार पास के नाले में गिर गई और व्यक्ति को गंभीर चोटें आईं।
वह 13 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहा तथा बाद में भी उसका इलाज जारी रहा।
इस मामले में पिकअप वाहन का मालिक अधिकरण की सुनवाई में शामिल नहीं हुआ और वहीं, बीमा कंपनी ने मुआवजे का दावा स्वीकार नहीं किया और उसे देने से इनकार कर दिया।
पप्पू ने दावा किया कि वह एक सुपरवाइजर के रूप में 20,000 रुपये प्रति माह कमाता था, लेकिन उसने वेतन की पर्ची प्रस्तुत नहीं कीं और न ही अपने नियोक्ता को गवाह के रूप में बुलाया, जो उस हादसे में खुद घायल हुए थे।
एमएसीटी ने कहा कि दावेदार की कार्यात्मक अक्षमता का आकलन केवल 20 प्रतिशत तक ही किया गया है।
मेडिकल रिपोर्ट और दिव्यांगता प्रमाणपत्रों को स्वीकार करते हुए एमएसीटी ने यह भी कहा कि जिन चिकित्सकों ने स्थायी आंशिक विकलांगता का मूल्यांकन किया, वे मरीज का इलाज करने वाले चिकित्सक नहीं थे और कुछ हड्डियों के फ्रैक्चर पहले ही ठीक हो चुके थे।
एमएसीटी ने यह भी कहा कि पीड़ित ने अपनी नौकरी के प्रकार और मासिक आय से संबंधित कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किया।
आदेश में कहा गया है, "आय प्रमाण के अभाव में, उसकी अनुमानित आय 12,000 रुपये आंकी गई है। साथ ही, मुआवजे की गणना व्यक्ति की अनुमानित आय और 20 प्रतिशत कार्यात्मक विकलांगता के आधार पर की गई है।"
एमएसीटी के आदेश के अनुसार कुल 13.50 लाख रुपये के मुआवजे में से भविष्य की आय के नुकसान के लिए पांच लाख 18 हजार 400 रुपये, भविष्य की संभावनाओं के नुकसान के लिए दो लाख सात हजार 360 रुपये और इलाज, दवाओं, दर्द और पीड़ा, विशेष आहार तथा आवागमन के खर्च के लिए भी एक महत्वपूर्ण राशि शामिल है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 07, 2025 01:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

