पटना, 14 अक्टूबर बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के इस बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है कि ‘‘अगर इस चुनाव में राजद नेतृत्व वाला विपक्षी महागठबंधन जीत जाएगा तो बिहार कश्मीर के आतंकवादियों की शरणस्थली बन जाएगा’’।
भाजपा की बिहार इकाई के पूर्व अध्यक्ष राय ने वैशाली जिले के महनार विधानसभा क्षेत्र में कुछ दिन पहले एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि बिहार में अगर राजद नेतृत्व वाले महागठबंधन की सरकार बन जाएगी तो ‘‘कश्मीर से जिन आतंकवादियों का हमलोग सफाया कर रहे हैं, वे बिहार की धरती पर आकर शरण ले लेंगे, लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे।’’
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बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्षी महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने राय के बयान पर बुधवार को पत्रकारों से कहा, "यह सिर्फ इस तथ्य से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश है कि बिहार में राजग के 15 वर्षों के शासनकाल में बेरोजगारी, गरीबी और भुखमरी से पीड़ित लोगों की मौत हुई है।"
तेजस्वी अपने विधानसभा क्षेत्र वैशाली जिले के राघोपुर में नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंचे थे।
राजद के वरिष्ठ नेता शिवानन्द तिवारी ने कहा कि राय का भाषण 2015 के विधानसभा चुनाव की याद दिला रहा है जब लालू और नीतीश एक साथ थे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी उस गठबंधन को पराजित करने के लिए बेचैन थी।
तिवारी ने कहा कि मौजूदा गृह मंत्री अमित शाह ने उस चुनाव में अपना पूरा जोर लगा दिया था। भारतीय जनता पार्टी के लिए वह प्रतिष्ठा का चुनाव था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बिहार के चुनाव को गुजरात का चुनाव मानकर अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी।
तिवारी ने आरोप लगाया, ‘‘आज उन्हीं अमित शाह के कनिष्ठ मंत्री नित्यानंद राय अपने गुरु का अनुसरण करते हुए कह रहे हैं कि महागठबंधन जीतेगा तो बिहार कश्मीर के आतंकवादियों की शरणस्थली बन जाएगा।’’
बिहार विधान परिषद में कांग्रेस सदस्य प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा, “2015 में, अमित शाह ने विधानसभा चुनावों के दौरान कहा था कि महागठबंधन के जीतने पर पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे। अब उनके कनिष्ठ मंत्री नित्यानंद राय भी उतने ही बेतुके बयान के साथ सामने आए हैं।’’
जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, “केंद्रीय मंत्री ने संदर्भ से बाहर या आपत्तिजनक कुछ भी नहीं कहा है। गांधी मैदान विस्फोट जैसे आतंकवादी हमलों से बिहार हिल गया था। यासीन भटकल जैसे खूंखार आतंकवादी को उसकी धरती पर पकड़ा गया था। दरभंगा मॉड्यूल सुरक्षा एजेंसियों के लिए जाना जाता था। अगर राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ती है, जैसा कि राजद के सत्ता में रहने के दौरान हुआ करता था, ऐसे में राय ने जो कहा है, उसकी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। ”
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