देश की खबरें | सरकार की ‘विफलताओं’ पर विपक्ष विधानसभा सत्र से पहले की चाय पार्टी का बहिष्कार करेगा

मुंबई, दो मार्च महाराष्ट्र में विपक्षी दलों ने रविवार को कहा कि वे सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर पारंपरिक चाय पार्टी का बहिष्कार करेंगे और ऐसा वह इसलिए करेंगे क्योंकि सरकार कई ज्वलंत मुद्दों को हल करने में विफल रही है।

उन्होंने कैबिनेट में ‘दागी’ मंत्रियों को शामिल करने, महिलाओं पर बढ़ते हमलों और विपक्षी नेताओं को विधायक चुनने वाले क्षेत्रों को धन जारी नहीं करने संबंधी सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं की टिप्पणियों पर चिंता जताई।

कांग्रेस, शिवसेना (उबाठा) और राकांपा (शरदचंद्र पवार) से मिलकर बना महा विकास आघाडी (एमवीए) राज्य में विपक्ष का चेहरा है, जबकि भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का महायुति गठबंधन सत्तारूढ़ गुट है।

मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए शिवसेना (उबाठा) विधायक और विधान परिषद के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि उन्होंने राज्य सरकार को कई सुझाव दिए हैं, लेकिन किसी पर ना तो चर्चा हुई और ना ही उन्हें स्वीकार किया गया।

दानवे ने कहा, ‘‘चाहे वह धारावी झुग्गी बस्ती के पुनर्विकास के लिए अदाणी समूह को कथित तौर पर दी गई अतिरिक्त भूमि हो या फ्रांसीसी कंपनी सिस्ट्रा इंडिया द्वारा एमएमआरडीए पर लगाया गया ‘गंभीर उत्पीड़न’ का आरोप, सरकार लोगों की समस्याओं के प्रति बहुत कम चिंतित दिखती है।’’

शिवसेना (उबाठा) नेता ने ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहन योजना’ के तहत लाभार्थियों की संख्या ‘कम’ करने के सरकार के कदम पर प्रकाश डाला और कहा कि यह सोयाबीन और कपास उत्पादकों का समर्थन करने में विफल रही है।

दानवे ने दावा किया, ‘‘चुनावों से पहले, यह योजना (लाडकी बहन) महिलाओं के वोटों पर केंद्रित थी। अब 10 लाख से अधिक महिलाओं को अयोग्य घोषित कर दिया गया है।’’

सरकार पर आरोप लगाते हुए दानवे ने कहा, ‘‘इतिहासकार इंद्रजीत सावंत को धमकाने वाले प्रशांत कोरटकर को सरकारी संरक्षण प्राप्त है। उसे तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए।’’

पुलिस ने नागपुर निवासी कोरटकर के खिलाफ इतिहासकार सावंत को धमकाने और मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके बेटे संभाजी महाराज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का मामला दर्ज किया है।

दानवे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में ‘आपत्तिजनक’ टिप्पणी करने के बावजूद अभिनेता राहुल सोलापुरकर को सरकारी समिति में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार ऐतिहासिक शख्सियतों का अपमान करने वालों को बचा रही है।’’

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