देश की खबरें | विपक्ष ने प्राचार्यों की नियुक्ति में 'हस्तक्षेप' को लेकर केरल की उच्च शिक्षा मंत्री पर निशाना साधा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल में विपक्षी दलों ने राज्य के सरकारी कॉलेजों में प्राचार्यों की नियुक्ति में कथित हस्तक्षेप को लेकर राज्य की उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू पर निशाना साधा और उनके इस्तीफे की मांग की।
तिरुवनंतपुरम/त्रिशूर, 28 जुलाई केरल में विपक्षी दलों ने राज्य के सरकारी कॉलेजों में प्राचार्यों की नियुक्ति में कथित हस्तक्षेप को लेकर राज्य की उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू पर निशाना साधा और उनके इस्तीफे की मांग की।
बिंदू ने इस आरोप से इनकार किया कि राज्य सरकार ने लोक सेवा आयोग (पीएससी) द्वारा अनुमोदित किए जाने के बाद एक ‘उप-समिति’ द्वारा तैयार की गई सूची के बारे में शिकायतों के बाद हस्तक्षेप करने का फैसला किया था।
मीडिया के एक तबके ने एक कथित आरटीआई जवाब के आधार पर खबर दी थी कि बिंदू ने उच्च शिक्षा विभाग को 43 प्राचार्यों की सूची पर विचार करने का निर्देश दिया था।
विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने कोट्टायम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए नियुक्तियों में हस्तक्षेप के लिए मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
सतीशन ने आरोप लगाया, ‘‘क्योंकि उनके किसी भी करीबी और प्रियजन को योग्यता के आधार पर सूची में शामिल नहीं किया गया था, उच्च शिक्षा मंत्री ने अवैध रूप से हस्तक्षेप किया, एक अपीलीय समिति का गठन किया और उन लोगों को नियुक्त करने से इनकार कर दिया जो उस सूची में थे।’’
कांग्रेस नेता ने रेखांकित किया कि राज्य में 66 सरकारी कॉलेजों में प्राचार्य नहीं हैं।
मंत्री की आलोचना करते हुए सतीशन ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के करीबी लोगों को प्रभारी प्राचार्य बनाने की अनुमति देने के लिए नियुक्तियों को मंजूरी नहीं दी गई।
वहीं, मंत्री ने त्रिशूर में मीडिया से कहा कि ‘‘उप समिति’’ द्वारा तैयार की गई सूची को लेकर सरकार को शिकायतें मिली थीं। उन्होंने कहा कि उप समिति के गठन को कानून के तहत परखा जाना है। मंत्री ने कहा, ‘‘हमें कई शिकायतें मिलीं और हमने हस्तक्षेप करने का फैसला किया।’’
उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों द्वारा उठाई गई शिकायतों को सुनने के लिए हस्तक्षेप किया गया था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने भी इस मुद्दे पर मंत्री पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि केरल में उच्च शिक्षा क्षेत्र खस्ताहाल में है।
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