विदेश की खबरें | विपक्षी पार्टी बीएनपी आगजनी, हत्याओं से लोगों का दिल नहीं जीत पाएगी: बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हसीना

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

ढाका, 17 दिसंबर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने रविवार को विपक्षी दल बीएनपी और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे आगजनी, हमलों और हत्या के जरिए लोगों का दिल नहीं जीत सकते।

बांग्लादेश में सात जनवरी को आम चुनाव होने हैं और विपक्षी दलों की मांग है एक अंतरिम गैर-पक्षपातपूर्ण सरकार के तहत चुनाव कराया जाना चाहिए।

हसीना ने ‘विजय दिवस’ के उपलक्ष्य में सत्तारूढ़ अवामी लीग द्वारा आयोजित एक चर्चा में यह टिप्पणी की। बांग्लादेश ने 1971 में पाकिस्तान से अपनी मुक्ति के उपलक्ष्य में शनिवार को विजय दिवस मनाया।

अखबार ‘द डेली स्टार’ ने हसीना के हवाले से कहा, ‘‘आगजनी, आतंकवाद और हत्या के जरिए लोगों का दिल जीतना संभव नहीं है। उन्हें यह पता होना चाहिए और इसके अनुसार कार्य करना चाहिए।’’

चर्चा के दौरान, हसीना ने कहा कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को पता है कि लोग ‘‘आगजनी करने वाले आतंकवादियों और हत्यारों’’ को वोट नहीं देंगे इसलिए, वह चुनाव को विफल करना और सरकार को उखाड़ फेंकना चाहती है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘वे नहीं चाहते कि लोग वोट डालें क्योंकि वे अच्छी तरह जानते हैं कि देश के लोग आगजनी करने वाले आतंकवादियों और हत्यारों को अपना वोट नहीं देंगे।’’

चुनावों को लेकर अशांति के बीच पिछले हफ्ते, एक ट्रेन पटरी से उतार दी गई थी और कई वाहनों को आग लगा दी गई थी। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के नेतृत्व वाली बीएनपी ने चुनावों का बहिष्कार किया है।

हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग ने बीएनपी और उसके सहयोगियों पर आम चुनाव से पहले हमले करने का आरोप लगाया।

विपक्षी दल अवामी लीग सरकार पर सत्ता छोड़ने और गैर-पक्षपातपूर्ण प्रशासन के तहत अगला चुनाव कराने को लेकर दबाव बनाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।

बीएनपी ने 2014 के चुनाव का बहिष्कार किया था लेकिन 2018 के चुनाव में हिस्सा लिया। अखबार की खबर के अनुसार, हसीना ने यह भी कहा कि मुख्य विपक्षी दल लोगों का कल्याण नहीं चाहता बल्कि लूटपाट, धन शोधन और सार्वजनिक धन की लूट का शासन चाहता है।

देश में राजनीतिक हिंसा में अब तक एक पुलिसकर्मी समेत कम से कम छह लोगों की मौत हो चुकी है। देश के आम चुनावों के लिए तैयारी के बीच राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने के साथ, बांग्लादेश सेना ने कहा है कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सैनिकों को तैनात करेगी।

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