देश की खबरें | मणिपुर मुद्दे पर राजनीति कर रहा विपक्ष: मेघवाल
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मोहाली (पंजाब), 29 जुलाई केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मणिपुर हिंसा मुद्दे पर ‘‘राजनीति करने’’ के लिए शनिवार को विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि ये दल इस मामले पर संसद में बहस नहीं चाहते हैं।
मेघवाल ने यह भी कहा कि मणिपुर मुद्दे पर क्या कार्रवाई की गई है, यह तब पता चलेगा जब विपक्षी दलों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में चर्चा होगी। केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री ने कहा कि अगर विपक्ष संसद में चर्चा करने देता तो देश को पता चल जाता कि सरकार ने इस मामले में किस तरह की कार्रवाई की है।
उन्होंने यहां ‘पर्यावरण कानून और संवैधानिक अधिकार: वैश्विक परिप्रेक्ष्य’ विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि ‘‘विपक्षी दल संसद में बहस नहीं चाहते हैं।’’
मेघवाल ने कहा, ‘‘हमने हर तरह की कार्रवाई की है। केंद्रीय गृह मंत्री वहां तीन दिन तक रहे। ऐसा नहीं है कि मणिपुर में ऐसी घटनाएं पहले नहीं हुई थीं। कांग्रेस सरकार में गृह मंत्री कभी वहां (मणिपुर) नहीं गए।’’
उन्होंने मणिपुर मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के संसद में जवाब देने के लिए तैयार होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बयान मांगने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा।
विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के 21 सांसदों की मणिपुर यात्रा के संबंध में एक सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘वे केवल राजनीति कर रहे हैं। उन्हें इस मामले पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।’’
महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित एक वीडियो के सामने आने से संबंधित एक सवाल पर मेघवाल ने पूछा, ‘‘क्या आपको नहीं लगता कि यह एक साजिश थी? यह पहले क्यों नहीं सामने आया?’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब भी (संसद) सत्र शुरू होता है, ऐसी साजिश होती है क्योंकि वे (विपक्षी दल) संसद में कोई बहस नहीं चाहते हैं। अगर वे बहस के लिए सहमत होते हैं, तो पता चल जाएगा कि अतीत में कब घटनाएं हुई थीं। कब (उस समय) गृह मंत्री ने दौरा किया। फिर वे बेनकाब हो जाएंगे।’’
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के बारे में पूछे जाने पर मेघवाल ने कहा, ‘‘विधि आयोग को अब तक शहरों, गांवों, आदिवासी इलाकों समेत हर जगह से हर वर्ग से एक करोड़ से ज्यादा सुझाव मिले हैं।’’
अदालत में लंबित मामलों के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सभी के लिए चिंता का विषय है।
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