ताजा खबरें | एनएसएफडीसी के 15 बोर्ड निदेशकों में अनुसूचित समुदाय से सिर्फ दो: संसदीय समिति
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद की एक समिति ने कहा है कि अनुसूचित जातियों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए काम करने के लिए गठित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम (एनएसएफडीसी) के निदेशक मंडल में 15 में से केवल दो ही सदस्य एससी समुदाय से हैं।
नयी दिल्ली, 18 दिसंबर संसद की एक समिति ने कहा है कि अनुसूचित जातियों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए काम करने के लिए गठित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम (एनएसएफडीसी) के निदेशक मंडल में 15 में से केवल दो ही सदस्य एससी समुदाय से हैं।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने समिति को दिए अपने जवाब में कहा कि एससी समुदाय से चार निदेशकों के प्रस्ताव को विभाग के मंत्री ने मंजूरी दे दी है। हालांकि समिति ने जवाब को ‘‘अस्पष्ट’’ बताया।
समिति ने कहा, ‘‘समिति अपनी इस सिफारिश के जवाब में एनएसएफडीसी के अस्पष्ट जवाब से संतुष्ट नहीं है कि एनएसएफडीसी के निदेशक मंडल में अनुसूचित जाति का पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाना चाहिए।’’
अनुसूचित जाति और जनजाति कल्याण से संबंधित समिति ने सोमवार को संसद में अपनी रिपोर्ट पेश की।
रिपोर्ट में समिति ने बताया कि एनएसएफडीसी के निदेशक मंडल के कुल 15 सदस्यों में से वर्तमान में केवल दो सदस्य अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से हैं।
समिति को दी गई जानकारी के अनुसार, गैर-आधिकारिक पदों में दो रिक्तियां और आधिकारिक निदेशक मंडल में सात रिक्तियां (राज्य एससी विकास निगम में 3 आधिकारिक निदेशक पद सहित) हैं।
समिति ने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा एनएसएफडीसी को प्रदान किए जाने वाले ‘इक्विटी’ सहयोग को 2020-21 से तीन साल के लिए 2022-23 तक रोक दिया गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)