देश की खबरें | नए कृषि कानूनों पर सिर्फ कुछ लोग ही असहमत होकर कर रहे हैं, आंदोलन : केन्द्रीय मंत्री प्रधान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को कहा कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ सिर्फ कुछ लोग असहमत होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ये कानून किसानों को व्यापारियों की तरह कहीं भी अपनी उपज बेचने की आजादी देते हैं।
बैतूल (मप्र), 18 जनवरी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को कहा कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ सिर्फ कुछ लोग असहमत होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ये कानून किसानों को व्यापारियों की तरह कहीं भी अपनी उपज बेचने की आजादी देते हैं।
पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय पेट्रोलियम और गैस मंत्री ने भी प्रदर्शनकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि जो सोते रहना चाहते हैं उन्हें समझाना मुश्किल है।
उन्होंने कहा, ‘‘चंद मित्रों के असहमति को सभी किसानों का आंदोलन नहीं कहा जा सकता है। क्या बैतूल में आंदोलन है? प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल मेरे साथ हैं और वे अपने अनुभव मुझे बता रहे थे। हम सीधी बात कर रहे हैं तथा देश भर में गांव - गांव जाकर कह पा रहे हैं। नए कृषि कानून किसानों को अपनी उपज कही भी बेचने की अनुमति देते हैं । जैसे एक कपड़े का व्यापारी देश के किसी भी बाजार में अपने कपड़े बेच सकता है।’’
क्या केन्द्र सरकार प्रदर्शनकारियों को अपना नजरिया नहीं समझा पा रही है, के सवाल पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हम उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन देखो, प्रजातंत्र में जो सोते रहना चाहता है उसको समझाने में थोड़ा दिक्कत होती है। हम तो समझायेंगे, तथा बात व संवाद करेंगे। कृषि मंत्री जी ने कई बार बात की है और हम बात करते रहेगें।
देश में पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों में वृद्धि पर पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि वे बाजार प्रणाली के अनुसार बढ़ेगें और घटेगें।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोश के कारण दुनिया को मंदी का सामना करना पड़ रहा है। हम 7-8 लाख करोड़ रुपये का कच्चा तेल आयात करते हैं। जब कीमतें बढ़ती हैं तो तकलीफ होती है जब कम होती है तो इसका लाभ हम भी ग्राहकों को देते हैं।
प्रधान ने यहां भारत भारती आवासीय विद्यालय परिसर में बायोगैस संयंत्र का उद्घाटन किया और कहा कि बैतूल के किसान देश भर में अन्य किसानो के लिये प्रेरणा स्त्रोत हो सकते हैं।
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