‘ऑनलाइन खुदरा कारोबारियों में कुछ ही गैर-मूलभूत सामानों की बिक्री कर पाएंगे’

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को लॉकडाउन दो सप्ताह बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन साथ ही कहा था कि ऑरेंज जोन और ग्रीन जोन में कुछ छूट दी जाएगी।

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नयी दिल्ली, तीन मई ई-कॉमर्स उद्योग से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि ऑनलाइन विक्रेताओं का केवल एक छोटा वर्ग ही चार मई से गैर-मूलभूत वस्तुओं को बेचने में सक्षम हो पाएगा क्योंकि कई राज्यों ने अभी तक ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए अपने दिशानिर्देश जारी नहीं किए हैं और बड़ी संख्या में बिक्रेता रेड जोन में हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को लॉकडाउन दो सप्ताह बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन साथ ही कहा था कि ऑरेंज जोन और ग्रीन जोन में कुछ छूट दी जाएगी।

ई-कॉमर्स क्षेत्र के एक बड़े अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि लॉकडाउन के तीसरे चरण में ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए केंद्र के दिशानिर्देश आ गए हैं, लेकिन केवल कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित कुछ राज्यों ने अपने दिशानिर्देशों को अधिसूचित किया है।

उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में स्पष्टता की कमी के कारण ई-कॉमर्स कंपनियों को पूरी तरह परिचालन शुरू करने में कठिनाई हो सकती है।

इसके अलावा एक दिक्कत यहा है कि कई ई-कॉमर्स कंपनियों के विक्रेता या तो रेड जोन में हैं या उनके गोदाम रेड जोन में स्थित हैं।

अधिकारी ने बताया कि इन इलाकों में संचालन स्थानीय अधिकारियों के दिशानिर्देशों पर निर्भर करेगा।

ई-कॉमर्स कंपनियां और कई उपभोक्ता संगठन सरकार से अनुरोध कर रहे हैं कि कोविड-19 महामारी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और चार्जर के साथ ही गर्मियों के कपड़ों जैसी वस्तुओं को मूलभूत उत्पादों में शामिल किया जाए, ताकि लोगों को घर से बाहर न निकलना पड़े।

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