जरुरी जानकारी | ओएनजीसी ने सात, ऑयल इंडिया ने चार खंडों के लिये अनुबंध पर हस्ताक्षर किया

नयी दिल्ली, 17 नवंबर सरकारी कंपनी ओएनजीसी ने सात और ऑयल इंडिया लिमिटेड ने चार तेल एवं गैस खंडों के लिये अनुबंध पर मंगलवार को हस्ताक्षर किये।

ये खंड खुले क्षेत्र की लाइसेंस नीति (ओएलएपी) की पांचवीं दौर की बोली में नीलाम किये गये थे। इस दौर में निजी क्षेत्र की भागीदारी के बीच सरकारी कंपनियों ने इन खंडों को प्राप्त किया था।

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केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हस्ताक्षर समारोह में कहा कि आखिरी दौर की बोली के साथ ही सरकार तेल व गैस की खोज के लिये पिछले चार साल में 1.56 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र नीलाम कर चुकी है।

इससे पहले पिछले दो दशक में नयी खोज लाइसेंस नीति के नौ दौर तथा उससे पूर्व के दौर में 90 हजार किलोमीटर नीलाम किये गये थे।

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प्रधान ने कहा कि वह प्रतिभागी कंपनियों से तेल एवं गैस की खोज के काम में तेजी लाने की अपेक्षा रखते हैं, ताकि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

प्रधान ने कहा कि लाल फीता शाही और तेल एवं गैस की तलाश में कई प्रकार की मंजूरियों के चलते पहले कई बार समयसीमा को बढ़ाया जा चुका है।

उन्होंने तेल एवं गैस की खोज करने वालों से नियामकीय परिस्थितियां बेहतर बनाने के बारे में सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा, ‘‘यदि आपको अधिक मदद की जरूरत है तो हमें बतायें।’’

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