जरुरी जानकारी | ओएनजीसी ने 40,306 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ कमाया, दूसरी सबसे ज्यादा मुनाफे वाली कंपनी बनी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) ने बीते वित्त वर्ष (2021-22) में 40,305 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ कमाया है। कच्चे तेल के उत्पादन पर ऊंची कीमत मिलने की वजह से ओएनजीसी रिकॉर्ड मुनाफा कमा पाई है। इस तरह अब रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद ओएनजीसी देश की दूसरी सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी बन गई है।

नयी दिल्ली, 29 मई सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) ने बीते वित्त वर्ष (2021-22) में 40,305 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ कमाया है। कच्चे तेल के उत्पादन पर ऊंची कीमत मिलने की वजह से ओएनजीसी रिकॉर्ड मुनाफा कमा पाई है। इस तरह अब रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद ओएनजीसी देश की दूसरी सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी बन गई है।

ओएनजीसी ने एक बयान में कहा कि बीते वित्त वर्ष में उसका शुद्ध लाभ 258 प्रतिशत के उछाल के साथ 40,305.74 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इससे पिछले वित्त वर्ष (2020-21) में कंपनी ने 11,246.44 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।

वित्त वर्ष के दौरान कंपनी को प्रत्येक बैरल कच्चे तेल के उत्पादन और बिक्री पर 76.62 डॉलर की प्राप्ति हुई। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी को प्रत्येक बैरल कच्चे तेल के उत्पादन पर 42.78 डॉलर मिले थे।

यह ओएनजीसी को कच्चे तेल के उत्पादन पर मिलने वाला सबसे ऊंचा दाम है। रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद 2021 के आखिर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल आया और यह करीब 14 साल के उच्चस्तर 139 डॉलर प्रत बैरल पर पहुंच गए।

हालांकि, 2008 में भी कच्चे तेल के दाम 147 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे थे, लेकिन उस समय ओएनजीसी को पेट्रोलियम उत्पादों की खुदरा बिक्री करने वाली कंपनियों को सब्सिडी उपलब्ध करानी पड़ी थी जिसकी वजह से उसकी प्राप्ति कम रही थी। अब ओएनजीसी को अंतरराष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से ही प्राप्ति हो रही है क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलयम कंपनियां भी पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के दाम वैश्विक दरों के हिसाब से तय करती हैं।

ओएनजीसी को बीते वित्त वर्ष में गैस के लिए 2.35 डॉलर प्रति इकाई (मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट) का दाम मिला। वहीं 2021-22 में उसे गैस के लिए प्रति इकाई 2.09 डॉलर की कीमत मिली थी। इस साल अप्रैल में गैस के दाम बढ़कर 6.1 डॉलर प्रति इकाई पर पहुंच गए हैं। इसका प्रभाव कंपनी के चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजों में देखने को मिलेगा।

बीते वित्त वर्ष में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ बढ़कर 49,294.06 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसमें उसकी अनुषंगी इकाइयों का मुनाफा भी शामिल है। इससे पिछले वित्त वर्ष में ओएनजीसी का एकीकृत शुद्ध लाभ 21,360.25 करोड़ रुपये रहा था। ओएनजीसी का एकल और एकीकृत शुद्ध लाभ दोनों ही घरेलू कंपनियों के मुनाफे के मामले में दूसरे नंबर पर है।

इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बीते वित्त वर्ष में 67,845 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ कमाया था। वित्त वर्ष के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज की आमदनी 7,92,756 करोड रुपये रही थी।

इस तरह ओएनजीसी ने मुनाफे के मामले में टाटा स्टील को पीछे छोड़ दिया है। टाटा स्टील का बीते वित्त वर्ष का एकल शुद्ध लाभ 33,011.18 करोड़ रुपये और एकीकृत शुद्ध लाभ 41,749.32 करोड़ रुपये रहा है।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) 38,449 करोड़ रुपये के एकीकृत शुद्ध लाभ के साथ चौथे और भारतीय स्टेट बैंक 31,676 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ के साथ पांचवें स्थान पर है।

अजय

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