देश की खबरें | नामांकन को लेकर गुमराह करने के बोपन्ना के आरोप पर एआईटीए ने कहा खुद क्वालीफाई क्यों नहीं किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. युगल टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने दिविज शरण के साथ तोक्यो ओलंपिक के लिए कट हासिल करने में विफल रहने के बाद सोमवार को एआईटीए (अखिल भारतीय टेनिस संघ) पर सभी को गुमराह करने का आरोप लगाया कि उसने सुमित नागल के साथ उनकी जोड़ी बनाकर कहा कि क्वालीफिकेशन हासिल का मौका है।
नयी दिल्ली, 19 जुलाई युगल टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने दिविज शरण के साथ तोक्यो ओलंपिक के लिए कट हासिल करने में विफल रहने के बाद सोमवार को एआईटीए (अखिल भारतीय टेनिस संघ) पर सभी को गुमराह करने का आरोप लगाया कि उसने सुमित नागल के साथ उनकी जोड़ी बनाकर कहा कि क्वालीफिकेशन हासिल का मौका है।
एआईटीए ने बोपन्ना पर पलटवार करते हुए कहा कि उसने केवल उनकी मदद करने की कोशिश की क्योंकि वह अपने दम पर क्वालीफाई करने में नाकाम रहे थे।
एआईटीए ने तोक्यो खेलों में पुरुष युगल स्पर्धा के लिए पहले बोपन्ना और शरण के नाम की नामांकन की घोषणा की थी।
बोपन्ना (विश्व रैंकिंग 38) और शरण (विश्व रैंकिंग 75) की संयुक्त रैंकिंग 113 क्वालीफिकेशन हासिल करने में नाकाम रही। अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) के अनुसार 16 जुलाई की समय सीमा से कुछ दिन पहले यह जोड़ी विकल्प की सूची में पांचवें स्थान पर थी।
नागल ने इसके बाद पुरुष एकल के लिए क्वालीफाई कर लिया। कोविड-19 महामारी के कारण ओलंपिक में टेनिस में युगल मुकाबलों को उन खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है जिन्होंने एकल के लिए क्वालीफाई किया है। एआईटीए को पुरुष युगल में नागल के साथ बोपन्ना की जोड़ी बना दी।
बोपन्ना ने ट्वीट किया, ‘‘ आईटीएफ ने कभी भी सुमित नागल और मेरे लिए जोड़ी को स्वीकार नहीं किया। आईटीएफ स्पष्ट था कि नामांकन की समय सीमा (22 जून) के बाद चोट/बीमारी के बिना किसी भी बदलाव की अनुमति नहीं थी। एआईटीए ने खिलाड़ियों, सरकार, मीडिया और बाकी सभी को यह कहकर गुमराह किया है कि हमारे पास अभी भी मौका है।’’
एआईटीए महासचिव अनिल धूपर ने कहा कि उन्होंने नामांकन बदलने के लिए आईटीएफ से संपर्क किया।
धूपर ने पीटीआई- से कहा, ‘‘हमने आईटीएफ को लिखा था कि हम नामांकन बदलना चाहते हैं और अब नागल के साथ बोपन्ना की जोड़ी बनाना चाहते हैं, इसलिए कृपया हमें सलाह दें कि कैसे आगे बढ़ना है। उन्होंने हमें इसका जवाब दिया कि नामांकन को केवल चोट और बीमारी या किसी विशेष परिस्थिति में ही बदले जा सकते है।’’
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