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देश की खबरें | ब्रिक्स के लिए प्रधानमंत्री ब्राजील यात्रा पर, कांग्रेस ने भारत में 2012 के शिखर सम्मेलन को याद किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्राजील में हैं। इस बीच, कांग्रेस ने रविवार को ब्रिक्स के गठन से पहले की घटनाओं और 2012 में भारत में आयोजित शिखर सम्मेलन को याद किया जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ब्रिक्स विकास बैंक की स्थापना का प्रस्ताव रखा था।

देश की खबरें | ब्रिक्स के लिए प्रधानमंत्री ब्राजील यात्रा पर, कांग्रेस ने भारत में 2012 के शिखर सम्मेलन को याद किया

नयी दिल्ली, छह जुलाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्राजील में हैं। इस बीच, कांग्रेस ने रविवार को ब्रिक्स के गठन से पहले की घटनाओं और 2012 में भारत में आयोजित शिखर सम्मेलन को याद किया जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ब्रिक्स विकास बैंक की स्थापना का प्रस्ताव रखा था।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘घाना, त्रिनिदाद एवं टोबैगो और अर्जेंटीना के बाद ‘सुपर प्रीमियम फ्रीक्वेंट फ्लायर’ प्रधानमंत्री अब ब्राजील पहुंच चुके हैं। आज रियो डी जिनेरियो में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो रही है।’’

कांग्रेस नेता ने अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि 1998 में अरबी भाषी और एशिया की ओर झुकाव रखने वाले रूस के प्रधानमंत्री येवगेनी प्रिमाकोव ने आरआईसी (रूस-भारत-चीन) नामक एक त्रिपक्षीय मंच का विचार पेश किया था। इसका उद्देश्य वैश्विक मामलों में बहुध्रुवीयता को बढ़ावा देना था और यह उस समय की बात है जब अमेरिका वैश्विक शक्ति के मामले में शिखर पर था।

कांग्रेस नेता ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘इसके बाद नवंबर 2001 में न्यूयॉर्क स्थित गोल्डमैन सैक्स के जिम ओनील और उनकी रिसर्च टीम ने ‘बिल्डिंग बेटर ग्लोबल इकोनॉमिक्स ब्रिक’ शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत और चीन को भविष्य की चार आर्थिक महाशक्तियों के रूप में पहचाना गया। यह रिपोर्ट आज भी पढ़ने में दिलचस्प है।’’

उन्होंने कहा कि इसके बाद जुलाई 2006 में सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित जी-8 सम्मेलन (रूस तब जी-7 का हिस्सा था लेकिन 2014 के बाद इससे बाहर हो गया) के दौरान रूस, चीन, ब्राजील के राष्ट्रपतियों और भारत के प्रधानमंत्री ने ब्रिक के गठन को मंजूरी दी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘‘ब्रिक देशों का पहला शिखर सम्मेलन जून 2009 में रूस में आयोजित किया गया जिसमें डॉ. मनमोहन सिंह ने भाग लिया था। वर्ष 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के साथ यह समूह ‘ब्रिक्स’ बन गया। वर्ष 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात भी इसके सदस्य बने और इस वर्ष इंडोनेशिया को भी शामिल किया गया है।’’

उन्होंने कहा कि भारत ने पहली बार मार्च 2012 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। इसी बैठक में डॉ. मनमोहन सिंह ने ब्रिक्स विकास बैंक की स्थापना का प्रस्ताव रखा था।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘तीन साल बाद यह बैंक ‘न्यू डेवलपमेंट बैंक’ के नाम से स्थापित हुआ, जिसका मुख्यालय शंघाई में है और भारत के प्रसिद्ध बैंकिंग विशेषज्ञ के. वी. कामथ इसके पहले अध्यक्ष बने।’’

रमेश ने कहा कि अब तक भारत ने शहरी परिवहन, जल आपूर्ति, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए इस बैंक से लगभग आठ अरब डॉलर का ऋण लिया है।

उन्होंने गोल्डमैन सैक्स के जिम ओनील और उनकी शोध टीम की रिपोर्ट का लिंक भी साझा किया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 06, 2025 11:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).