देश की खबरें | गरबा पर पथराव करने के आरोपी युवकों की पिटाई का पुराना वीडियो भ्रामक दावे के साथ किया जा रहा है साझा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क ने जब वायरल दावे की जांच की तो पता चला कि मामला हाल-फिलहाल का नहीं बल्कि अक्टूबर 2022 का है। उस समय गुजरात के खेड़ा जिले के उधेला गांव में गरबा के दौरान पथराव की घटना के बाद पुलिस ने नौ लोगों को हिरासत में लिया था और कुछ आरोपियों को खंभे से बांधकर पीटा था। कुछ लोग दो साल पुरानी घटना के वीडियो को अब भ्रामक दावे के साथ शेयर कर रहे हैं।
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क ने जब वायरल दावे की जांच की तो पता चला कि मामला हाल-फिलहाल का नहीं बल्कि अक्टूबर 2022 का है। उस समय गुजरात के खेड़ा जिले के उधेला गांव में गरबा के दौरान पथराव की घटना के बाद पुलिस ने नौ लोगों को हिरासत में लिया था और कुछ आरोपियों को खंभे से बांधकर पीटा था। कुछ लोग दो साल पुरानी घटना के वीडियो को अब भ्रामक दावे के साथ शेयर कर रहे हैं।
फेसबुक यूजर ‘जितेन्द्र कुमार उपाध्याय’ ने 14 अक्टूबर को वायरल वीडियो शेयर किया और लिखा, “ये गुजरात में खेड़ा नाम की जगह है। गरबा नृत्य कर रही महिलाओं के एक समूह पर मस्जिद से पथराव किया गया, जिसमें कुछ महिलाएं घायल हो गईं। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, पुलिस ने उपद्रवियों को शरिया कानून के अनुसार वही सलूक दिया जो सऊदी अरब में किया जाता है।” इस वीडियो को सैंकड़ों यूजर्स ने समान दावे के साथ शेयर किया है।
वायरल दावे की पुष्टि के लिए डेस्क ने वीडियो के ‘की-फ्रेम्स’ को ‘रिवर्स’ सर्च किया। हमें इस घटना से जुड़ी एक रिपोर्ट दैनिक जागरण के यूट्यूब चैनल पर 4 अक्टूबर 2022 को अपलोड की गई एक वीडियो में मिली। बताया गया कि यह घटना गुजरात के खेड़ा जिले के उधेला गांव में हुई थी। उस समय गरबा स्थल पर पथराव के बाद पुलिस ने नौ लोगों को हिरासत में लिया था और कुछ आरोपियों की सरेआम पिटाई की थी।
उस समय वेबदुनिया की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक वीआर बाजपेयी के हवाले से बताया गया था कि पथराव के दौरान ग्राम रक्षक दल (जेआरडी) के एक जवान और एक पुलिसकर्मी समेत कम से कम सात लोग घायल हुए थे। पथराव में 150 से ज़्यादा लोग शामिल थे, जिनमें से 43 लोगों की पहचान हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ़्तार किया था।
मीडिया की खबरों के मुताबिक, गुजरात उच्च न्यायालय ने मुस्लिम युवकों की सरेआम पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों को 14 दिन की हिरासत और आर्थिक दंड की सजा सुनाई थी। उच्चतम न्यायालय के डीके बसु दिशानिर्देश का उल्लंघन करने पर यह सजा दी गयी थी।
हालांकि, जनवरी 2024 में प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट से पता चला कि पुलिसकर्मियों ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील की थी, जिसके बाद सर्वोच्च अदालत ने उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगा दी है।
पूरी रिपोर्ट यहां क्लिक कर पढ़ें: https://bit.ly/3BWYTg2
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क द्वारा अब तक की गई जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो हाल का नहीं बल्कि दो साल पुराना है।
सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी दावे की सच्चाई या सत्यापन के लिए पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क के व्हाट्सएप नंबर +91-8130503759 से संपर्क करें।
(पीटीआई फैक्ट चेक)
साजन
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 17, 2024 08:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

