जरुरी जानकारी | मूंगफली में गिरावट को छोड़कर बाकी तेल तिलहन कीमतों में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. निर्यात की मांग खत्म होने तथा सस्ते आयातित तेलों के मुकाबले पर्याप्त महंगा होने के कारण दिल्ली तेल तिलहन बाजार में मंगलवार को मूंगफली दाना (तिलहन) और इसके तेल कीमतों में गिरावट का रुख रहा और त्यौहारी व सर्दियों की मांग के कारण बाकी सभी तेल तिलहन कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।
नयी दिल्ली, तीन नवंबर निर्यात की मांग खत्म होने तथा सस्ते आयातित तेलों के मुकाबले पर्याप्त महंगा होने के कारण दिल्ली तेल तिलहन बाजार में मंगलवार को मूंगफली दाना (तिलहन) और इसके तेल कीमतों में गिरावट का रुख रहा और त्यौहारी व सर्दियों की मांग के कारण बाकी सभी तेल तिलहन कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।
बाजार सूत्रों ने कहा कि निर्यात की मांग न होने तथा सस्ते आयातित तेलों के मुकाबले भाव ऊंचा ठहरने के कारण मूंगफली की मांग प्रभावित हुई जिससे इसके तेल तिलहन कीमतों में गिरावट आई। हाजिर बाजार में मूंगफली का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे चला गया गया है।
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राजकोट, गुजरात की हाजिर मंडियों में मूंगफली (तिलहन) एमएसपी से लगभग 50 रुपये नीचे बिक रही है। सूत्रों ने कहा कि सरकार यदि तेल उत्पादन बढ़ाना चाहती है तो उसे देशी तिलहन किसानों के हित में कोई मददगार कदम उठाना होगा।
सूत्रों ने कहा कि सहकारी संस्था, नाफेड को राजस्थान में सरसों (तिलहन) की बिक्री के लिए पहले के 6,026 रुपये क्विन्टल की जगह 6,131 रुपये की बढ़ी हुई बोली मिली है। इसके अलावा त्यौहारी मांग होने से सरसों दाना में 40 रुपये का सुधार आया। आगरा के सलोनी मंडी में भी सरसों का भाव 6,700 रुपये से बढ़ाकर 6,750 रुपये क्विन्टल कर दिया गया है।
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सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन डीगम की चौतरफा मांग है। दीवाली, उसके बाद शादी विवाह के मौसम, फिर सर्दी की मांग के अलावा ‘ब्लेंडिंग’ के लिए सोयाबीन की मांग और बढ़ने वाली है। अन्य हल्के तेलों के मुकाबले लगभग 25 प्रतिशत सस्ता होने के कारण भी सोयाबीन की मांग में और वृद्धि के आसार हैं। इस स्थिति में सोयाबीन दाना सहित इसके सभी तेल कीमतों में सुधार देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में तीन प्रतिशत का सुधार रहा जबकि शिकागो एक्सचेंज में दो प्रतिशत की तेजी आई। उन्होंने कहा कि आयात शुल्क मूल्य के हिसाब से पाम तेल के आयात पर 8,800 की लागत बैठती है और इसका बाजार भाव 8,400 रुपये क्विन्टल है। विदेशों में इस तेल की उपलब्धता के मुकाबले इसकी विशेष मांग नहीं है लेकिन बेपड़ता कारोबार और मलेशिया एक्सचेंज में तेजी की वजह से सीपीओ सहित पामोलीन तेल कीमतों में सुधार दिखाई दिया। सर्दियों के आने की वजह से पाम तेल की मांग 10-15 प्रतिशत कम हुई है। पाम तेल को ‘हार्ड तेल’ बोला जाता है जो सर्दियों में जम जाता है।
सूत्रों ने कहा कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में सूरजमुखी पहले ही एमएसपी से 20 प्रतिशत नीचे चल रहा था और अब मूंगफली भी उसी राह पर चल पड़ा है। देश में तिलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए सरकार को इस समस्या का तत्काल कोई उपाय निकालना होगा।
तेल-तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 6,250 - 6,300 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 5,175- 5,225 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,750 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,005 - 2,065 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 12,280 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,855 - 2,005 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,975 - 2,085 रुपये प्रति टिन।
तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,550 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,400 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम- 9,450 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,400 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,300 रुपये।
पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,700 रुपये।
पामोलीन कांडला- 8,850 रुपये (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,335 - 4,385 लूज में 4,205 -- 4,235 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 03, 2020 07:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

