जरुरी जानकारी | विदेशों में मिले जुले रुख के बीच तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में मिले जुले रुख के बीच देश में सस्ता आयात बढ़ने के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों तेल तिलहन, सोयाबीन तेल, बिनौला, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आई। इसके साथ ही डी-आयल्ड केक (डीओसी) की स्थानीय और निर्यात मांग के कारण मूंगफली तेल तिलहन और सोयाबीन तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुई।
नयी दिल्ली, आठ दिसंबर विदेशी बाजारों में मिले जुले रुख के बीच देश में सस्ता आयात बढ़ने के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों तेल तिलहन, सोयाबीन तेल, बिनौला, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आई। इसके साथ ही डी-आयल्ड केक (डीओसी) की स्थानीय और निर्यात मांग के कारण मूंगफली तेल तिलहन और सोयाबीन तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुई।
बाजार सूत्रों ने कहा, ‘‘मलेशिया एक्सचेंज में लगभग आधा प्रतिशत की गिरावट है जबकि शिकागो एक्सचेंज कल रात दो प्रतिशत टूटा था और फिलहाल यह एक प्रतिशत मजबूत है।’’
सूत्रों ने कहा कि ज्यादातर तेल तिलहनों में गिरावट का मुख्य कारण देश में आयातित तेलों का सस्ता होना है। उन्होंने कहा कि पामोलीन आयात करने में 87 रुपये किलो का भाव बैठता है जबकि थोक बाजार में यह भाव 85 रुपये किलो है। ऐसा ज्यादा आयात होने की वजह से है।
पाम और पामोलीन उपभोक्ताओं को सही भाव पर उपलब्ध हो रहा है क्योंकि सरकार ने सीपीओ पर 5.5 प्रतिशत तथा पामोलीन पर 12.5 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा रखा है जिससे इस तेल का बगैर किसी बाधा के आयात संभव हो रहा है। जबकि सूरजमुखी और सोयाबीन तेल पर जो पहले 38.5 प्रतिशत का आयात शुल्क लगता था और क्रमश: घटाकर 5.5 प्रतिशत (सवा छह रुपये किलो) किया गया था, उसे भी हटाकर शुल्कमुक्त आयात कर दिया गया। लेकिन इस कोटा व्यवस्था के कारण बाकी आयात प्रभावित होने से मौजूदा वक्त में उपभोक्ताओं को सूरजमुखी और सोयाबीन तेल 40-70 रुपये लीटर अधिक भाव पर खरीदना पड़ रहा है।
सूत्रों ने कहा कि सरकार को तेल कंपनियों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर नजर रखनी चाहिये, नहीं तो देश में सरसों और बिनौला तेल का कारोबार प्रभावित होगा। सस्ते आयातित तेलों के मुकाबले ये देशीतेल कैसे खपेंगे इस बात की चिंता की जानी चाहिये क्योंकि इस स्थिति के कारण इनकी तेल मिलें बंद होने की ओर बढ़ सकती हैं।
बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,025-7,075 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,410-6,470 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,000 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,415-2,680 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 13,850 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,100-2,230 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,160-2,285 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,500 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 11,400 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,000 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 9,050 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 5,550-5,650 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज 5,360-5,410 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 08, 2022 07:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

