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जरुरी जानकारी | शिकागो एक्सचेंज में सोयाबीन तेल में ‘लोअर सर्किट’ लगने से तेल-तिलहनों के भाव धराशायी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. शिकागो एक्सचेंज में सोयाबीन तेल में लगभग सात प्रतिशत की गिरावट आने से लोअर सर्किट लगने के बाद बुधवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में तेल तिलहनों के भाव औंधे मुंह गिर गए। इस गिरावट के कारण सभी तेल तिलहन कीमतों में कमी आई।

जरुरी जानकारी | शिकागो एक्सचेंज में सोयाबीन तेल में ‘लोअर सर्किट’ लगने से तेल-तिलहनों के भाव धराशायी

नयी दिल्ली, 21 जून शिकागो एक्सचेंज में सोयाबीन तेल में लगभग सात प्रतिशत की गिरावट आने से लोअर सर्किट लगने के बाद बुधवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में तेल तिलहनों के भाव औंधे मुंह गिर गए। इस गिरावट के कारण सभी तेल तिलहन कीमतों में कमी आई।

तेल तिलहन कारोबार के जानकार सूत्रों ने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज में चार प्रतिशत की गिरावट चल रही है जबकि शिकागो एक्सचेंज में सोयाबीन तेल के लिए लोअर सर्किट लगाना पड़ा। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में देशी खाद्य तेल तिलहनों की खपत होनी अब काफी मुश्किल दिख रही है।

सूत्रों ने कहा कि बंदरगाहों पर सूरजमुखी रिफाइंड तेल का थोक भाव 80 रुपये प्रति लीटर बैठता है और सोयाबीन रिफाइंड तेल का भाव भी 82-83 रुपये प्रति लीटर है। इसके उलट न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के हिसाब से स्थानीय सरसों तेल का थोक भाव पेराई के बाद 125 रुपये लीटर और सूरजमुखी तेल का थोकभाव पेराई के बाद 135 रुपये लीटर बैठता है। जब सस्ते आयातित खाद्यतेलों और स्थानीय खाद्यतेलों के बीच 40-50 रुपये का अंतर हो तो देशी तेल तिलहनों की खपत होनी मुश्किल है।

सूत्रों ने कहा कि बाजार के मौजूदा हालात बने रहे तो अगले तीन चार साल में डीआयल्ड केक (डीओसी) का भी आयात करना होगा और तेल खली का संकट भी पैदा हो सकता है। पहले महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में सूरजमुखी और मूंगफली की अच्छी खेती हुआ करती थी लेकिन अब वहां इन फसलों की खेती खत्म हो गई। इसी तरह आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में सबसे अधिक मूंगफली की खेती होती थी लेकिन अब वह भी लुप्त हो चुकी है। कर्नाटक में सूरजमुखी की बहुत अधिक पैदावार होती थी लेकिन इसकी तेल पेराई मिलें कई साल से जंग खा रही हैं।

कारोबारी सूत्रों के मुताबिक, संबंधित विभागों और अधिकारियों को अपनी प्राथमिकता तय करनी चाहिये कि उन्हें तेल तिलहन का उत्पादन बढाना और किसानों को समुचित लाभ दिलाने के लिए देशी तेल तिलहनों का बाजार बनाना है या सिर्फ सस्ता तेल दिलवाना ही उसकी प्राथमिकता है।

बुधवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 4,820-4,920 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,615-6,675 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,540 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,465-2,740 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,585 -1,665 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,585 -1,695 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,250 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,600 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,250 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,350 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,215-5,280 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,980-5,055 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 21, 2023 09:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).