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जरुरी जानकारी | तेल-तिलहन बाजार, बिनौला खल के वायदा दाम टूटने से हलकान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वायदा कारोबार में बिनौला खल के दाम टूटने के बीच अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम पर दबाव कायम रहा और उनके भाव में गिरावट आई। शुक्रवार को सरसों तेल-तिलहन, मूंगफली तिलहन, सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन के दाम गिरावट के साथ बंद हुए।

जरुरी जानकारी | तेल-तिलहन बाजार, बिनौला खल के वायदा दाम टूटने से हलकान

नयी दिल्ली, 24 जनवरी वायदा कारोबार में बिनौला खल के दाम टूटने के बीच अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम पर दबाव कायम रहा और उनके भाव में गिरावट आई। शुक्रवार को सरसों तेल-तिलहन, मूंगफली तिलहन, सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन के दाम गिरावट के साथ बंद हुए।

बाजार सूत्रों के अनुसार मूंगफली तिलहन का दाम टूटने के बीच हानि की भरपाई के प्रयास के तहत मूंगफली तेल के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे। बिनौला खल का वायदा दाम टूटने की वजह से गुजरात में पेराई मिलें बंद होने से बिनौला तेल के दाम में कल के मुकाबले सुधार आया।

मलेशिया एक्सचेंज दोपहर 3.30 बजे मामूली सुधार के साथ बंद हुआ है। एक बार फिर से सीपीओ का भाव सोयाबीन तेल से अधिक हो चला है। सोयाबीन तेल का मौजूदा भाव 1,105 डॉलर प्रति टन है तो सीपीओ का मौजूदा दाम 1,135-1,140 डॉलर प्रति टन है। शिकागो एक्सचेंज में घट-बढ़ जारी है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि एक बार फिर से वायदा कारोबार में बिनौला खल का दाम कल के 2,740 रुपये क्विंटल से घटकर 2,719 रुपये क्विंटल रह गया है।

उन्होंने कहा कि सट्टेबाजों द्वारा सिर्फ कपास नरमा का दाम तोड़ने के मकसद से बिनौला खल का दाम तोड़ा जा रहा है, ताकि बाजार धारणा खराब हो और किसान औने पौने दाम पर कपास नरमा बेचने को विवश हो जायें। इसके कारण कुल कारोबारी धारणा प्रभावित हो रही है और अधिकांश तेल-तिलहन दवाब में हैं। संबंधित अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिये।

सूत्रों ने कहा कि गुजरात के ‘कॉटनसीड क्रेकर्स एसोसिएशन’ ने कई बार नकली बिनौला खल के मसले को उठाते हुए इसके रोक थाम की मांग की है लेकिन इस ओर अभी उचित कार्रवाई होना बाकी है।

उन्होंने कहा कि सरसों तेल-तिलहन के थोक दाम टूटने की वजह अगले महीने इसके नये फसल की आवक शुरु होने की संभावना है। आम तौर पर नये फसल आने के समय कभी सरसों, कभी सोयाबीन तो कभी कपास के दाम तोड़े जाते हैं और सटोरिये इस काम के लिए वायदा कारोबार का सहारा लेते हैं।

सूत्रों ने कहा कि बिनौला खल का दाम कल के 2,740 रुपये से भी घटाकर आज 2,719 रुपये क्विंटल कर दिया गया जिससे पूरे तेल-तिलहन बाजार की कारोबारी धारणा बिगड़ गई और खाद्य तेल-तिलहनों के दाम दवाब में आ गये। इस गिरावट की वजह से मूंगफली खल का दाम भी प्रभावित रहा जिसके कोई लिवाल मिलना मुश्किल हो रहा है।

मूंगफली खल पर दवाब के बीच मूंगफली तिलहन के दाम में गिरावट आई जबकि इस गिरावट की भरपाई के प्रयास में मूंगफली तेल के भाव अपरिवर्तित रहे।

सूत्रों ने कहा कि पहले से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से लगभग 15 प्रतिशत नीचे दाम पर बिकने वाले सोयाबीन के दाम, बिनौला खल के दाम टूटने से प्रभावित रहे। लागत अधिक बैठने के बीच मांग प्रभावित रहने से सोयाबीन तेल-तिलहन में गिरावट दर्ज हुई।

उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद में किसानों से फिलहाल 20-25 प्रतिशत सोयाबीन की खरीद की जा सकी है लेकिन बाजार नहीं होने के कारण हाजिर दाम कमजोर बने हुए हैं। जबकि थोक दाम टूटने के बावजूद इन्हीं सभी खाद्यतेलों के खुदरा दाम मजबूत बने हुए हैं जो अलग जांच-परख करने की जरुरत को सामने लाता है।

मलेशिया एक्सचेंज में सुधार के बावजूद ऊंचे भाव पर लिवाली कमजोर रहने के कारण पाम, पामोलीन के दाम में गिरावट आई। इसके लिवाल नहीं दिख रहे और ऊंचे भाव के रहते इसका बिकना मुश्किल ही है।

सूत्रों ने कहा कि वायदा कारोबार में बिनौला खल का दाम टूटने के बीच नकली बिनौला का कारोबार फल-फूल रहा है। नकली बिनौला खल का भाव 2,700-2,800 रुपये क्विंटल है जबकि महाराष्ट्र के असली बिनौला खल का भाव 3,400-3,800 रुपये क्विंटल बैठता है।

किसान असली बिनौला खल का ऊंचा दाम देखकर, सस्ते में उपलब्ध नकली बिनौला खल की ओर रुख करने को मजबूर हो रहे हैं। बिनौला खल के दाम में गिरावट की भरपाई बिनौला तेल के दाम बढ़ाकर किये जाने से अकेला बिनौला तेल के दाम में सुधार आया।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,250-6,350 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,675-6,000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,100 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,140-2,440 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,255-2,355 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,255-2,380 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 12,250 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,800 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,800 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,300-4,350 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 24, 2025 09:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).