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जरुरी जानकारी | तेल तिलहन बाजार में तेजी का रुख बरकरार, विदेशों में भाव ऊंचे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में सोयाबीन और पॉम तेल के दाम ऊंचे बोले जाने और घरेलू बाजार में मूंगफली, सोयाबीन और सरसों की स्टॉक स्थिति को देखते हुये बृहस्पतिवार को स्थानीय तेल तिलहन बाजार में तेजी का रुख रहा। बाजार पिछले कुछ दिनों में नीचे आने के बाद फिर तेजी की राह पर है।

जरुरी जानकारी | तेल तिलहन बाजार में तेजी का रुख बरकरार, विदेशों में भाव ऊंचे

नयी दिल्ली, एक अप्रैल विदेशी बाजारों में सोयाबीन और पॉम तेल के दाम ऊंचे बोले जाने और घरेलू बाजार में मूंगफली, सोयाबीन और सरसों की स्टॉक स्थिति को देखते हुये बृहस्पतिवार को स्थानीय तेल तिलहन बाजार में तेजी का रुख रहा। बाजार पिछले कुछ दिनों में नीचे आने के बाद फिर तेजी की राह पर है।

बाजार सूत्रों का कहना है कि मलेशिया में पॉम तेल का भाव चार प्रतिशत और शिकागो में सोयाबीन डीगम का वायदा भाव पांच प्रतिशत तक ऊंचा बोला गया है। वहीं सरकार ने एक अप्रैल 2021 से शुरू हुये पखवाड़े के लिये खाद्य तेल के आयात शुल्क मूल्य की समीक्षा करते हुये भाव बढ़ाया है। इसके साथ ही आयात शुल्क मूल्य की गणना में डालर- रुपये की विनिमय दर को भी बढ़ाकर 74.15 रुपये प्रति डालर किया है। इससे सोयाबीन डीगम के आयात शुल्क मूल्य में 40 रुपये प्रति किलो और कच्चा पॉम तेल का 32.40 रुपये किलो तक का फर्क पड़ा है।

सरसों का बाजार लगातार मजबूती की तरफ बढ़ रहा है। तेल सरसों बढ़कर 12,300 रुपये क्विंटल हो गया। बाजार सूत्रों का कहना है कि सरकारी एजेंसियों को बाजार भाव पर सरसों की खरीद कर लेनी चाहिये। जिस तेजी से बाजार बढ़ रहा है उसके मुताबिक इस बार सरसों उन्हें समर्थन मूल्य पर मिलनी मुश्किल है। सरकार को आने वाले महीनों के लिये फिलहाल बाजार भाव पर ही सरसों खरीद करनी चाहिये।

वहीं सोयाबीन तेल बढ़कर 13,800 रुपये क्विंटल पर पहुंच गया। पाम तेल एक्स कांड़ला 11,450 रुपये क्विंटल पर रहा। पामोलिन में भी भाव मजबूती में टिके रहे। सोयाबीन में विदेशों में बाजार ऊंचा है। तेल रहित खल की मांग भी बरकरार है। इसलिये भाव लगातार चढ़ रहे हैं। सोयाबीन मिल डिलीवरी 6,300 से ऊपर निकल चुका है जबकि लूज भाव 6,200 रुपये क्विंटल तक बोला गया।

अन्य तेलों के दाम ऊंचे होने से सरसों तेल का उत्पादन बिना किसी दूसरे तेल का इस्तेमाल करते हुये हो रहा है। सरसों का रिफाइंड भी बनाया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि नये सत्र में सरसों की उपज और स्टॉक की स्थिति को देखते 1980-1990 के दशक की तरह सरसों रिफाइंड के उत्पादन को हतोत्साहित किया जाना चाहिये।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 5,840 - 5,890 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 6,205 - 6,270 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 15,300 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,460- 2,520 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 12,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,980 -2,010 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,110 - 2,140 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 14,550 - 17,550 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,800 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,650 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,650 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,450 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,950 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,160 रुपये।

पामोलिन कांडला 12,160 (बिना जीएसटी के)

सोयाबीन दाना 6,200 - 6,225 रुपये: सोयाबीन लूज 6,100- 6,125 रुपये

मक्का खल 3,605 रुपये।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 01, 2021 09:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).