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जरुरी जानकारी | सीसीआई के दाम बढ़ाने के बाद धारणा सुधरने से तेल-तिलहनों में मजबूती

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय कपास निगम (सीसीआई) द्वारा पिछले सप्ताह बिनौला सीड (तिलहन) के दाम दो बार बढ़ाये जाने की वजह से सोमवार को देश के तेल-तिलहन बाजार में सभी तेल-तिलहनों की कारोबारी धारणा मजबूत हुई। इसके चलते सरसों, सोयाबीन और मूंगफली तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन और बिनौला तेल के दाम मजबूती दर्शाते बंद हुए।

जरुरी जानकारी | सीसीआई के दाम बढ़ाने के बाद धारणा सुधरने से तेल-तिलहनों में मजबूती

नयी दिल्ली, 23 दिसंबर भारतीय कपास निगम (सीसीआई) द्वारा पिछले सप्ताह बिनौला सीड (तिलहन) के दाम दो बार बढ़ाये जाने की वजह से सोमवार को देश के तेल-तिलहन बाजार में सभी तेल-तिलहनों की कारोबारी धारणा मजबूत हुई। इसके चलते सरसों, सोयाबीन और मूंगफली तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन और बिनौला तेल के दाम मजबूती दर्शाते बंद हुए।

शिकॉगो और मलेशिया एक्सचेंज में सुधार का रुख है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि भारतीय कपास निगम (सीसीआई) ने दो बार बिनौला सीड के दाम 50-100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाये हैं और इस वृद्धि का असर मूंगफली, सरसों जैसे खाद्य तेलों पर भी हुआ। यह इस मायने में एक अच्छा कदम है कि इससे आगे कपास उत्पादन बढ़ाने का का हौंसला बढ़ेगा, बिनौला खल का उत्पादन बढ़ेगा। बाकी तेल-तिलहन के भी अच्छे दाम मिलने से किसानों के पास धन आयेगा और तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ाने की धारणा मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि कपास बिक्री का यह सबसे व्यस्त्तम समय है और इस वक्त दाम दुरुस्त रहने से उन छोटे किसानों को भी फायदा होगा जो पैसे के दबाव में कम दाम पर अपना माल बेच देते हैं। बाद में दाम बढ़ने के फायदे से अक्सर छोटे किसान वंचित रह जाते हैं।

सूत्रों ने कहा कि बाजार में सरसों की आवक (1.5-1.75 लाख बोरी), मांग (3.5-4 लाख बोरी रोजाना) के मुकाबले कम है। यह सरसों तेल-तिलहन में सुधार आने का मुख्य कारण है।

उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में कपास की आवक पहले के 22.5 हजार गांठ से घटकर लगभग 12 हजार गांठ रह गई है। किसान अच्छे दाम मिलने की उम्मीद में मंडियों में रोक-रोक कर अपनी उपज ला रहे हैं।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,550-6,600 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,925-6,250 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,250 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,150-2,450 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,290-2,390 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,290-2,415 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 12,600 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 11,750 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,000 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,950 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,250-4,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 3,950-4,050 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,100 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 23, 2024 06:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).