भवानीपटना, 31 जुलाई ओडिशा के कालाहांडी जिले में नव-निर्मित लिफ्ट सिचाईं नहर में दरार के बाद कई एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
लिफ्ट सिंचाईं एक ऐसी विधि है, जिसमें पानी को प्राकृतिक प्रवाह द्वारा नहीं, बल्कि पंपों या अन्य उपकरणों के जरिये पहुंचाया जाता है।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार व शनिवार की दरमियानी रात कोकसारा प्रखंड के माझीगुड़ा गांव के पास इंद्रावती नहर के बाएं किनारे में लिफ्ट में करीब 10 फुट की दरार आ गई।
उन्होंने कहा कि 20 एकड़ से अधिक धान भूमि में गाद जमा हो गई है और लगभग 100 एकड़ धान के खेत प्रभावित हुए हैं।
कोकसारा तहसीलदार और उनकी टीम ने नुकसान का आकलन करने के लिए क्षेत्र का दौरा किया।
इंद्रावती परियोजना के मुख्य निर्माण अभियंता विभूषण मिश्रा, लिफ्ट नहर प्रणाली की निर्माण एजेंसी लार्सन एंड टुब्रो के प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर मौजूद हैं।
लिफ्ट नहर प्रणाली के कार्यकारी अभियंता कोंडोल राव ने कहा कि समझौते में कहा गया है कि निर्माण एजेंसी पांच साल तक रखरखाव करेगी। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 986.71 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस परियोजना का 14 जनवरी को उद्घाटन किया था।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि नहर के तटबंधों का खराब निर्माण और लाइन टूटने का कारण यह घटना हुई।
अधिकारियों ने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान 25,274 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई प्रदान करके कोकसारा ब्लॉक के 88 गांवों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है।
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