देश की खबरें | ओडिशा: रिमांड के लिए अदालत में पेश करने से पहले आरोपियों की होगी कोविड-19 जांच
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भुवनेश्वर, तीन सितंबर ओडिशा की विभिन्न जेलों के 30 कर्मचारी और उनमें सजा काटने वाले 500 से अधिक कैदियों की जांच में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि रिमांड के लिए मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने से पहले प्रत्येक व्यक्ति की कोरोना वायरस संक्रमण जांच करवाना अनिवार्य होगा।
राज्य के कारागारों में कोविड प्रबंधन में बदलाव करते हुए गृह मंत्रालय ने आठ सूत्रीय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।
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पुलिस, आबकारी, वन तथा सतर्कता जैसे विभागों को इस एसओपी का पालन करना होगा।
महानिदेशक (जेल) एस के उपाध्याय ने कहा, “हमने राज्य भर की विभिन्न जेलों के अधिकारियों को पहले ही एसओपी भेज दी है।”
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अधिकारी ने कहा कि चूंकि आरटी-पीसीआर जांच में समय लगता है इसलिए गृह विभाग द्वारा जारी एसओपी में त्वरित एंटीजेन जांच की सलाह दी गई है जिससे व्यक्ति की जांच का नतीजा एक घंटे में सामने आ जाता है।
एसओपी में कहा गया, “पुलिस, आबकारी, वन या सतर्कता विभाग के अधिकारियों द्वारा किसी भी व्यक्ति को रिमांड में लेने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने से पहले चिकित्सा अधिकारियों द्वारा उस व्यक्ति की कोविड-19 की जांच करवानी होगी और निर्दिष्ट अस्पताल में उसका चिकित्सकीय परीक्षण करवाना अनिवार्य होगा।”
निर्दिष्ट अस्पताल का चिकित्सा अधिकारी उन व्यक्तियों की पूरी जांच करेगा जिन्हें रिमांड के लिए मजिस्ट्रेट के सम्मुख पेश किया जाना है।
एसओपी के अनुसार व्यक्ति की जांच में संक्रमण की पुष्टि होने पर उसे कोविड देखभाल केंद्र में भेज दिया जाएगा।
एसओपी के अनुसार ठीक होने के बाद आरोपियों को पुनः जेल में स्थानांतरित किया जा सकता है।
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