इंदौर (मध्यप्रदेश), चार मई प्रेम और शादी के मामले में लोगों की व्यक्तिगत आजादी तथा खुशी की वकालत करते हुए अभिनेत्री नुसरत भरूचा ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर लोग प्रगतिशीलता को स्वीकार नहीं कर सकते, तो समाज हमेशा पीछे ही रहेगा।
भरुचा ने इंदौर में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान ऐसे वक्त यह बात कही, जब देश में समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता देने की मांग को लेकर बहस चल रही है।
इस सिलसिले में उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन याचिकाओं का हवाला देते हुए 37 वर्षीय अभिनेत्री से पूछा गया था कि वह एक महिला होने के नाते समलैंगिक संबंधों के बारे में क्या नजरिया रखती हैं ।
भरूचा ने इन याचिकाओं पर कोई टिप्पणी किए बगैर जवाब दिया, ‘‘दुनिया आगे बढ़ चुकी है..लोग आगे बढ़ चुके हैं। अगर आप आगे बढ़ना स्वीकार नहीं कर सकते, तो हम हमेशा पीछे ही रहेंगे।’’
उन्होंने कहा कि अगर सरकार, जनता और दुनिया आगे बढ़कर मौजूदा स्थिति में पहुंच चुकी है, तो हर व्यक्ति को प्रगतिशीलता का समर्थन करना चाहिए।
भरूचा ने लोगों की व्यक्तिगत आजादी पर जोर देते हुए कहा, ‘‘जिसको जिससे प्यार करना है, जिसके साथ रहना है, रहो। शादी करनी है तो करो, नहीं करनी है, तो मत करो। खुश रहो।’’
"जय संतोषी मां" (2006), "लव, सेक्स और धोखा" (2010), "प्यार का पंचनामा" (2011), "सोनू के टीटू की स्वीटी " (2018) और "जनहित में जारी" (2022) जैसी फिल्मों में भरूचा को अलग-अलग तासीर की भूमिकाओं में देखा गया है।
वह अपनी आगामी फिल्म ‘‘छत्रपति’’ के प्रचार के लिए सह-अभिनेता बेल्लमकोंडा साईं श्रीनिवास के साथ इंदौर पहुंची थीं। यह फिल्म 12 मई को रिलीज होगी और तेलुगु फिल्मों के नायक बेल्लमकोंडा इस शाहकार के जरिये हिन्दी फिल्म उद्योग में पहला कदम रखने जा रहे हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY