जरुरी जानकारी | एनएसडीएल का अडाणी समूह की कंपनियों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के तीन खातों को लेकर स्पष्टीकरण

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नेशनल सिक्योरिटीज डिपोजिटरी लि. (एनएसडीएल) ने स्पष्ट किया है कि अडाणी समूह की कंपनियों में हिस्सेदारी रखने वाले तीन विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों... अबुला इनवेस्टमेंट्स, एपीएमएस इन्वेस्टमेंट और क्रेस्टा फंड... के केवल जीडीआर खाते जब्त किए गए हैं।

मुंबई, 28 जुलाई नेशनल सिक्योरिटीज डिपोजिटरी लि. (एनएसडीएल) ने स्पष्ट किया है कि अडाणी समूह की कंपनियों में हिस्सेदारी रखने वाले तीन विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों... अबुला इनवेस्टमेंट्स, एपीएमएस इन्वेस्टमेंट और क्रेस्टा फंड... के केवल जीडीआर खाते जब्त किए गए हैं।

इस स्पष्टीकरण के बाद अडाणी समूह के शेयर 4 प्रतिशत तक चढ़ गये।

एनएसडीएल की वेबसाइट पर उपलब्ध ताजी सूचना के अनुसार, अबुला इन्वेस्टमेंट्स, एपीएमएस इन्वेस्टमेंट और क्रेस्टा फंड के जीडीआर (ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट) खाते जब्त किये गये 9,425 खातों में शमिल हैं।

उल्लेखनीय है कि अडाणी समूह की कंपनियों में अच्छा-खासा निवेश कर रखे मॉरीशस के छह कोषों में से तीन के खाते एनएसडीएल द्वारा जब्त किये जाने की रिपोर्ट के बाद समूह की कंपनियों के शेयर 14 जून को 25 प्रतिशत तक लुढ़क गये थे।

उसी दिन, एनएसडीएल ने स्पष्ट किया था कि अबुला, क्रेस्टा और एपीएमएस फंड के खातों को जब्त करना अडाणी समूह से संबंधित नहीं था, बल्कि जीडीआर निवेश के संबंध में जून 2016 के एक मामले से संबंधित है। इन तीनों खातों को सेबी के आदेश पर जब्त किया गया था।

अडाणी समूह ने कहा था कि तीन खातों को जब्त नहीं किया गया है और इस तरह की जो भी रिपोर्ट दी गयी है, वह गलत और भ्रामक थी।

भ्रम का कारण एनएसडीएल की वेबसाइट पर 31 मई तक 9,444 अन्य संस्थाओं के साथ जब्त खातों की सूची में तीन एफपीआई को दिखाया गया था।

अब एनएसडीएल ने इन तीनों खातों को जब्त खातों की सूची में ‘जीडीआर’ के रूप में संबद्ध किया है।

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