देश की खबरें | पैरा निशानेबाजी को अपने अंतर्गत लेना एनआरएआई के अधिकार क्षेत्र में नहीं : पीसीआई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) ने भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के पैरा निशानेबाजी स्पर्धायें कराने के हालिया कदम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसा करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
नयी दिल्ली, 27 जुलाई भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) ने भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के पैरा निशानेबाजी स्पर्धायें कराने के हालिया कदम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसा करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
देश में निशानेबाजी खेल की संचालन संस्था एनआरएआई ने 2019 में अपनी सभी स्पर्धाओं से पैरा निशानेबाजी को हटा दिया है जिसमें राष्ट्रीय चैम्पियनशिप भी शामिल है। इस कदम से 200 पैरा निशानेबाज तोक्यो पैरालंपिक खेलों से पहले संकट में घिर गये थे।
एनआरएआई ने तब कहा था कि इसके लिए एक अलग संस्था पीसीआई है जो पैरा निशानेबाजी गतिविधियां कराती है जिसमें टीम का चयन भी शामिल है इसलिये वह पैरा निशानेबाजी को अपने अधिकार क्षेत्र से हटा रहा है जबकि यह 25 साल से ज्यादा समय से दिव्यांग निशानेबाजों के लिए खेल की मेजबानी कर रहा था।
एनआरएआई के आठ जून को पीसीआई को दिये पत्र में हालांकि कहा गया कि उसने राज्य चैम्पियनशिप और राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में पैरा स्पर्धायें शुरू करने का फैसला किया है।
इस कदम से हैरान पीसीआई ने कहा कि एनआरएआई बिना किसी सलाह मश्विरे के पीसीआई के अंतर्गत होने वाली किसी भी गतिविधि अपने हाथों में नहीं ले सकता।
पीसीआई के निशानेबाजी खेल के तकनीकी समिति के अध्यक्ष जेपी नौटियाल ने पीटीआई से कहा, ‘‘एनआरएआई के पास विश्व निशानेबाजी पैरा खेल(डब्लूएसपीएस), अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (आईपीसी) या प्रतियोगिता के लिए और अन्य गतिविधियों के लिए पैरा निशानेबाजों को निर्देश जारी करने का अधिकार नहीं है क्योंकि पैरा निशानेबाजी एनआरएआई के नहीं बल्कि पीसीआई के अंतर्गत आती है। हालांकि पीसीआई को आपसी सहयोग से कोई परेशानी नहीं है। ’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)