देश की खबरें | स्टेन स्वामी के लिए तलोजा जेल में सिपर भेजेगा एनपीआरडी
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नयी दिल्ली, 28 नवंबर दिव्यांगों के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक संगठन ने कहा है कि जेल में बंद आदिवासी कार्यकर्ता स्टेन स्वामी का सिपर के लिए पीड़ादायी इंतजार अब और नहीं सहा जा सकता तथा संस्था पार्किन्सन्स बीमारी से जूझ रहे 83 वर्षीय स्वामी को सिपर भेजने की योजना बना रही है।
एल्गार परिषद मामले में कथित रूप से शामिल रहने के सिलसिले में आठ अक्टूबर को रांची स्थित अपने आवास से गिरफ्तार किये गये स्वामी इस समय मुंबई की तलोजा जेल में बंद हैं।
मुंबई में एक विशेष अदालत ने बृहस्पतिवार को स्वामी की स्ट्रॉ और सिपर मुहैया कराने की याचिका को एक बार फिर खारिज कर दिया और उनके अनुरोध पर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जवाब मांगा। इसके बाद ‘नेशनल प्लेटफॉर्म फॉर द राइट्स ऑफ द डिसेबल्ड’ (एनपीआरडी) की उक्त प्रतिक्रिया आई है।
अदालत इस मामले में चार दिसंबर को सुनवाई करेगी।
एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में स्ट्रॉ और सिपर मुहैया कराने के स्वामी के अनुरोध पर जवाब देने के लिए 20 दिन का वक्त मांगा था और कहा था कि उसने स्वामी की गिरफ्तारी के दौरान उनसे ये चीजें नहीं ली हैं जैसा कि वह दावा कर रहे हैं।
एनपीआरडी ने एक बयान में कहा, ‘‘सिपर के लिए स्वामी को पीड़ादायी तरीके से इंतजार करना पड़ रहा है जिसे अब और नहीं सहा जा सकता। यह अदालत आगे सुनवाई चार दिसंबर को करेगी जिसमें अभी सात दिन है। स्टेन को इतने लंबे समय तक तरल पदार्थ का सेवन करने से नहीं रोका जा सकता। अत: एनपीआरडी और उससे संबद्ध इकाइयों ने स्टेन स्वामी को देने के लिए तलोजा जेल, महाराष्ट्र के जेलर को सिपर भेजने का फैसला किया है।’’
संगठन ने अन्य दिव्यांग अधिकार संस्थाओं, कार्यकर्ताओं से भी इस अभियान में शामिल होने और स्वामी को सिपर भेजने का आह्वान किया।
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