देश की खबरें | अब राज्य समग्र शिक्षा के तहत मंजूर कार्यो के 10 प्रतिशत स्थानों में कर सकेंगे बदलाव
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश अब समग्र शिक्षा के तहत किसी ब्लाक, जिला, स्कूल में अतिरिक्त कक्षा, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला, पेयजल सुविधा, चारदीवारी, उपकरण, शौचालय, सौर पैनल स्थापित करने जैसे कार्यों को लेकर मंजूर कुल स्थानों में से 10 प्रतिशत स्थानों में बदलाव कर सकेंगे हालांकि वित्तीय लागत में कोई परिवर्तन नहीं हो सकेगा।
नयी दिल्ली, 12 मई राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश अब समग्र शिक्षा के तहत किसी ब्लाक, जिला, स्कूल में अतिरिक्त कक्षा, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला, पेयजल सुविधा, चारदीवारी, उपकरण, शौचालय, सौर पैनल स्थापित करने जैसे कार्यों को लेकर मंजूर कुल स्थानों में से 10 प्रतिशत स्थानों में बदलाव कर सकेंगे हालांकि वित्तीय लागत में कोई परिवर्तन नहीं हो सकेगा।
शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग में संयुक्त सचिव (समन्वय) डा. अमरप्रीत दुग्गल ने नौ मार्च को सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिव, सचिव स्कूली शिक्षा तथा सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशकों को इस संबंध में पत्र लिखा है।
इसमें कहा गया है, ‘‘ जैसा कि आप जानते हैं कि समग्र शिक्षा के तहत किसी स्कूल, ब्लाक, जिला, प्रखंड संसाधन केंद्र या जिला संसाधन केंद्र में अतिरिक्त कक्षा, स्मार्ट क्लास/ सूचना संचार प्रौद्योगिकी /व्यवसायिक प्रयोगशाला, विज्ञान प्रयोगशाला, शौचालय/पेयजल सुविधा/रैम्प, चारदीवारी, सौर पैनल, कला एवं शिल्प कक्ष, वेंडिंग मशीन, टिंकरिंग लैब, उपकरण, फर्नीचर, विज्ञान किट, गणित किट जैसे कदमों के लिए वित्तीय मंजूरी दी जाती है।’’
हालांकि, विभिन्न कारणों से राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से इन कार्यों और गतिविधियों के संदर्भ में स्थान में बदलाव करने को लेकर सम्पर्क किया था।
पत्र के अनुसार, इसके अलावा, ऐसे मामले भी सामने आए जहां राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने समग्र शिक्षा के तहत मंजूर किये गए कार्यो, गतिविधियों एवं कार्यक्रमों को लागू करने में तीसरे पक्ष या संगठन को शामिल किया जिसमें वित्तीय, कानूनी और अन्य प्रतिबद्धताएं या देनदारियां जुड़ी थी।
इसमें कहा गया कि ऐसे में कार्य की सुगमता को प्रोत्साहित करने और समग्र शिक्षा योजना को अधिक सक्षम एवं प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से लचीलापन प्रदान करने के लिए यह निर्णय किया गया है कि ‘अनिवार्य जरूरत होने पर समग्र शिक्षा की गतिविधियों के मंजूरी कुल स्थानों में से राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश 10 प्रतिशत लक्षित स्थानों में बदलाव कर सकते हैं लेकिन इसकी वित्तीय लागत में कोई परिवर्तन नहीं आना चाहिए।
उदाहरण के तौर पर, अगर 100 स्कूलों में 100 स्मार्ट कक्षा संबंधी गतिविधियां मंजूरी की गई हैं तब राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश 10 स्कूलों के स्थानों में बदलाव कर सकते हैं लेकिन इसमें यह शर्त होगी कि नये स्कूल (जिन स्कूलों में अब स्मार्ट कक्षा स्थापित की जायेगी) स्मार्ट कक्षा की मंजूरी के समग्र शिक्षा की नियमों एवं प्रक्रियाओं को पूरा करते हों।
इसमें यह भी कहा गया है कि परिवर्तित स्थान उक्त गतिविधियों के लिए कुल वित्तीय मंजूरी का 10 प्रतिशत से अधिक राशि का नहीं होना चाहिए।
पत्र में कहा गया है कि ‘‘ यह नोट करने योग्य है कि स्थान में उसी स्थिति में परिवर्तन किया जाना चाहिए जब उक्त गतिविधि को मंजूर किये गए स्थान पर लागू करना संभव नहीं हो।’’
इसमें कहा गया है कि किसी गतिविधि के लिए स्थान में बदलाव करते हुए समग्र शिक्षा योजना के नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। इस संबंध में किसी भी बदलाव के बारे में उचित कारणों एवं समर्थन करने वाले दस्तावेजों के साथ विभाग को सूचित किया जाना चाहिए।
विभाग ने कहा कि जहां राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश समग्र शिक्षा योजना के तहत किसी गतिविधि, कार्यक्रम एवं कार्य को लागू करने के लिए किसी तीसरे पक्ष या संगठन को शामिल करते हैं, ऐसी स्थिति में इन्हें शामिल करने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेशों की होगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)