देश की खबरें | अब उत्तर प्रदेश में कोई नहीं वसूल सकता गुंडा टैक्स : योगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून—व्यवस्था का जिक्र करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में पहले रेहड़ी—पटरी वालों से पहले ‘गुंडा टैक्स’ वसूला जाता था लेकिन अब कोई भी ऐसी रंगदारी नहीं वसूल सकता।
लखनऊ, 24 अगस्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून—व्यवस्था का जिक्र करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में पहले रेहड़ी—पटरी वालों से पहले ‘गुंडा टैक्स’ वसूला जाता था लेकिन अब कोई भी ऐसी रंगदारी नहीं वसूल सकता।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने यहां लोक भवन में पीएम स्वनिधि एवं स्वयं सहायता समूह ऋण योजना के तहत 11 हजार लाभार्थियों को ऋण वितरण के बाद अपने सम्बोधन में कहा, ''उत्तर प्रदेश से अब माफियाओं के साथ ही गंदगी की भी सफाई हुई है। पहले स्ट्रीट वेंडर्स (रेहड़ी-पटरी वाले) से लोग ‘गुंडा टैक्स’ वसूल करते थे। अब कोई गुंडा टैक्स वसूल नहीं कर सकता।''
आदित्यनाथ ने इस अवसर पर डिजिटल माध्यम से लगभग 32 करोड़ 49 हजार रुपये का ऋण लाभार्थियों के खातों में अन्तरित किया। उन्होंने ऋण प्राप्त करने वाले कुछ लाभार्थियों तथा स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किये। साथ ही पंजाब नेशनल बैंक द्वारा विकसित किये गये ‘एण्ड टू एण्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म’ ‘पीएनबी ई-स्वनिधि’ का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, ''यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है। रिजर्व बैंक की रिपोर्ट बताती है कि उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक निवेश प्राप्त करने वाला राज्य बन गया है। राज्य में बैंकों के माध्यम से सर्वाधिक धनराशि निवेश पर खर्च हो रही है। विगत छह वर्षों में उत्तर प्रदेश का ऋण-जमा अनुपात 12 प्रतिशत बढ़कर 56 प्रतिशत हो गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पहले लोग ऋण लेने के लिए बैंकों के पास जाते थे लेकिन आज प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) के नेतृत्व तथा बैंकों की उदारता से बैंक स्वयं लोगों के पास ऋण देने के लिए जा रहे हैं।''
योगी ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना पुरुषों के साथ ही, महिलाओं के भी स्वावलम्बन का आधार बन रही है। इस योजना के लगभग 15 लाख लाभार्थी उत्तर प्रदेश से हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पंजीकरण कराने वाले रेहड़ी-पटरी वालों को प्रदेश सरकार की तरफ से पांच लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर देने घोषणा की। इसके तहत किसी दुर्घटना में दुकानदार की मृत्यु होने या उसके दिव्यांग होने की स्थिति में पीड़ित के परिजनों को पांच लाख रुपये की बीमा राशि दी जाएगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)