जरुरी जानकारी | सिर्फ आयात पर नहीं, आइए खुद बनाने की अपनी क्षमता पर भरोसा करें: ओला सीईओ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ओला के सह-संस्थापक भाविश अग्रवाल ने मंगलवार को कहा कि वह हुंदै और टेस्ला से असहमत हैं, जिन्होंने भारत में आयातित इलेक्ट्रिक वाहनों पर शुल्क घटाने का आह्वान किया है।
नयी दिल्ली, 27 जुलाई ओला के सह-संस्थापक भाविश अग्रवाल ने मंगलवार को कहा कि वह हुंदै और टेस्ला से असहमत हैं, जिन्होंने भारत में आयातित इलेक्ट्रिक वाहनों पर शुल्क घटाने का आह्वान किया है।
इसके साथ ही उन्होंने देश में स्वदेशी रूप से ईवी के विनिर्माण और वैश्विक ओईएम को आकर्षित करने की क्षमता पर भरोसा जताया।
ओला अपने ई-स्कूटर की पेशकश के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए तैयार है। कंपनी ने इन ई-स्कूटरों के विनिर्माण के लिए तमिलनाडु में एक कारखाना स्थापित करने के लिए 2,400 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।
अग्रवाल ने ट्वीट किया, ‘‘दोनों से पूरी तरह असहमत। आइए स्वदेशी विनिर्माण की अपनी क्षमता पर भरोसा करें और भारत में विनिर्माण के लिए वैश्विक ओईएम को आकर्षित करें, न कि केवल आयात के लिए। हम ऐसा करने वाले पहले देश नहीं होंगे।’’
अग्रवाल हुंदै के प्रबंध निदेशक एस एस किम के बयान के बारे में एक ट्वीट का जवाब दे रहे थे, जिसमें टेस्ला के भारत में आयातित ईवीएस पर शुल्क घटाने के आह्वान का समर्थन किया गया था।
किम ने मंगलवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने सुना है कि टेस्ला सीबीयू के आयात पर कुछ शुल्क कटौती की मांग कर रही है। इस बेहद मूल्य प्रतिस्पर्धी खंड में बड़े स्तर तक कारोबार को पहुंचाने में इससे मदद मिलेगी।’’
उन्होंने कहा कि जब तक कंपनियां ईवी कलपुर्जों और अन्य अवसंरचना को स्थानीय स्तर पर बनाने में सक्षम होती हैं, तब तक ईवी आयात देश में बाजार तैयार करने में मदद कर सकता है।
पिछले सप्ताह टेस्ला के सीईओ मस्क ने कहा था कि यदि कंपनी भारत में आयातित वाहनों के साथ सफल रहती है, तो बाद में विनिर्माण संयंत्र लगाने पर विचार कर सकती है।
मस्क ने कहा था कि फिलहाल भारत में आयात शुल्क दुनिया में सबसे ऊंचा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर कम से कम अस्थायी रूप से शुल्क राहत मिलेगी। मस्क ने ट्विटर पर अपने फालोअर्स के साथ चर्चा में यह बात कही।
फिलहाल भारत 40,000 डॉलर से अधिक की कीमत की पूरी तरह आयातित कार पर सीआईएफ (लागत, बीमा और भाड़े) के साथ 100 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाता है। इससे कम लागत की कार पर आयात शुल्क की दर 60 प्रतिशत है।
दिलचस्प बात यह है कि कोरियाई ऑटो कंपनी हुंदै और किआ ने मिलकर ओला में लगभग 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है। यह निवेश इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग अवसंरचना के विकास के लिए किया जाएगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)