देश की खबरें | सिलचर में 16 नवंबर से होगा पूर्वोत्तर हरित सम्मेलन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. असम के सिलचर में 16 नवंबर से तीन दिवसीय गोलमेज हरित सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है जिसमें क्षेत्र के वन मंत्री हिस्सा लेंगे । इस सम्मेलन के एजेंडे में पूर्वोत्तर और इसके निकटवर्ती जैव विविधता क्षेत्रों के लिए सतत विकास तथा संरक्षण रणनीतियों के अलावा हरित कला और हरित संगीत कार्यक्रम शामिल हैं।
सिलचर, छह नवंबर असम के सिलचर में 16 नवंबर से तीन दिवसीय गोलमेज हरित सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है जिसमें क्षेत्र के वन मंत्री हिस्सा लेंगे । इस सम्मेलन के एजेंडे में पूर्वोत्तर और इसके निकटवर्ती जैव विविधता क्षेत्रों के लिए सतत विकास तथा संरक्षण रणनीतियों के अलावा हरित कला और हरित संगीत कार्यक्रम शामिल हैं।
इस सम्मेलन के छठे संस्करण में ‘‘कोविड के बाद हरियाली: क्षेत्रीय सहयोग, नवाचार और उद्यमिता’’ पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा ।
केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे के इस सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है, जहां बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार के प्रतिनिधि भी विभिन्न मुद्दों पर विचार-मंथन करेंगे।
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण (यूएनईपी) के समर्थन से विबग्योर एनई फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में पूर्वोत्तर क्षेत्र के टिकाऊ उत्पादों को प्रदर्शित करने वाले कई स्टॉल इसका हिस्सा होंगे।
इस आयोजन के लिए, तेजी से घट रहे संसाधनों के बारे में जनता के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए आठ नवंबर को एक ग्रीन साइक्लोथॉन का आयोजन किया जा रहा है।
भारतीय वन सेवा के पूर्व अधिकारी तथा इस सम्मेलन के परामर्श बोर्ड के सदस्य सी पी मारक ने बताया, ‘‘वन मंत्रियों की गोलमेज बैठक का एजेंडा मुख्य रूप से आम चिंताओं के मामलों पर ध्यान केंद्रित करना होगा - जिसमें जलवायु परिवर्तन, पशु प्रवास, वन उपज की आवाजाही, अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, वन और वन्यजीव अपराध समेत अन्य मुद्दे शामिल हैं ।’’
मारक के अनुसार गोलमेज के अंत में सिलचर घोषणापत्र का अनावरण किया जा सकता है, जो उठाए गए मुद्दों पर आम सहमति के आधार पर होगा ।
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