विदेश की खबरें | उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन ने बाढ़ को लेकर प्रधानमंत्री को फटकार लगाई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. उत्तर कोरिया में गर्मियों में आने वाली बाढ़ खराब जल निकासी और वनों की कटाई की वजह से अक्सर उसके कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचाती है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि किम द्वारा शीर्ष अधिकारियों को लताड़ लगाने का उद्देश्य संभवतः देश की बिगड़ती आर्थिक कठिनाइयों और खाद्य असुरक्षा के लिए उन पर दोष मढ़ना है, ताकि लोगों की शिकायतों को कम किया जा सके।
उत्तर कोरिया में गर्मियों में आने वाली बाढ़ खराब जल निकासी और वनों की कटाई की वजह से अक्सर उसके कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचाती है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि किम द्वारा शीर्ष अधिकारियों को लताड़ लगाने का उद्देश्य संभवतः देश की बिगड़ती आर्थिक कठिनाइयों और खाद्य असुरक्षा के लिए उन पर दोष मढ़ना है, ताकि लोगों की शिकायतों को कम किया जा सके।
कोरियन सेंट्रेल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के मुताबिक, किम ने सोमवार को पश्चिमी तटीय इलाके का दौरा किया, जहां पर समुद्र जल ने तटबंधों को तोड़ दिया था और 270 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में लगी धान की फसल बाढ़ से बर्बाद हो गई थी। एजेंसी ने बताया कि स्थिति का जायजा लेने के बाद किम ने अधिकारियों पर ‘‘कर्तव्य निर्वहन में गैरजिम्मेदाराना और लापरवाह रवैया’’ अपनाने का आरोप लगाया।
केसीएनए ने कहा कि किम ने ‘‘तमाशबीन वाला रवैया’’ दिखाने के लिए प्रधानमंत्री किम टोक हुन की आलोचना की। उन्होंने उप प्रधानमंत्री को निष्ठा से ड्यूटी करने में असफल रहने और ‘‘केवल ईंधन आपूर्तिकर्ता की भूमिका निभाने’’ पर फटकार लगाई।
किम ने कहा कि ‘टाइडलैंड रिक्लेमेशन ब्यूरो’ के निदेशक ने कुछ नहीं किया और निर्माण कार्य के लिए उपलब्ध ईंधन की बड़ी मात्रा में चोरी की।
केसीएनए के मुताबिक किम जोंग उन ने कहा, ‘‘ हाल के वर्षों में किम टोक हुन मंत्रिमंडल का प्रशासनिक और आर्थिक अनुशासन नियंत्रण से बाहर हो गया है, आलसी लोग अपने गैर जिम्मेदाराना व्यवहार से राज्य के आर्थिक कार्यों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’
किम ने बाढ़ को मानव जनित आपदा करार दिया।
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