जरुरी जानकारी | सार्वजनिक उपक्रमों के गैर-आधिकारिक निदेशक कमियों के बारे में बेबाक राय दें: गोयल

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नयी दिल्ली, 13 जुलाई वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के गैर-आधिकारिक निदेशकों को कंपनियों में कमियों के बारे में बेबाक राय देने और सुधार के बारे में उपाय सुझाने को कहा।

उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में संचालन के स्तर पर किसी भी तरह की गड़बड़ी को तत्परता के साथ प्रबंधन के समक्ष रखा जाना चाहिए। गैर-आधिकारिक निदेशकों (एनओडी) को निर्णयों को प्रभावित करने और विशिष्ट मामलों में शामिल होने से बचना चाहिए।

मंत्री ने अपने मंत्रालयों के अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के एनओडी के साथ बातचीत में यह बात कही। इन उपक्रमों में इंडिया ट्रेड प्रमोशन आर्गनाइजेशन (आईटीपीओ), ईसीजीसी लिमिटेड (एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया), स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, एमएमटीसी (मेटल एंड मिनरल्स ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया), पीईसी (प्रोजेक्ट एंड इक्विपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया), केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि ये निदेशक केंद्रीय लोक उपक्रमों के प्रदर्शन में सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गोयल ने कहा, ‘‘गैर-आधिकारिक निदेशकों से उम्मीद की जाती है कि वे कमियों के बारे में बेबाक राय दें और सुधार के उपाय सुझाएं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘गैर-आधिकारिक निदेशक कर्मचरियों के लिये ‘रोल मॉडल भी होते हैं। वे सभी पक्षों के हितों की रक्षा करते हैं।’’

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