Wayanad Landslide: केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने दिया भरोसा, वायनाड में राहत, बचाव और पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार की ओर से कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी
केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि केरल के पर्वतीय वायनाड जिले में विनाशकारी भूस्खलन के बाद राज्य सरकार के साथ समन्वय कर राहत व बचाव अभियान चलाया जा रहा है तथा इसमें सेना एवं वायु सेना से लेकर सभी सुरक्षा व सहायता एजेंसियों की मदद ली जा रही है.
Wayanad Landslide: केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि केरल के पर्वतीय वायनाड जिले में विनाशकारी भूस्खलन के बाद राज्य सरकार के साथ समन्वय कर राहत व बचाव अभियान चलाया जा रहा है तथा इसमें सेना एवं वायु सेना से लेकर सभी सुरक्षा व सहायता एजेंसियों की मदद ली जा रही है. राज्यसभा में केरल में हुई इस आपदा को लेकर सभी दलों की ओर से चिंता प्रकट किए जाने के बाद उच्च सदन के नेता व केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने कहा कि वहां स्थिति सामान्य करने के लिए केंद्र सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी.
उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत बड़ी त्रासदी है और इससे केवल केरल ही नहीं बल्कि पूरा देश द्रवित है. सभी दुखी हैं. यह एक प्राकृतिक आपदा है. प्रधानमंत्री, सक्रियता के साथ हर आवश्यक कदम उठा रहे हैं. जो भी आवश्यक है किया जा रहा है. जो भी जरूरतें होंगी, सब पूरी की जाएंगी.’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से बात की है, केंद्रीय एजेंसियों को लगाया गया है और राज्य सरकार के साथ समन्वय के साथ काम किया जा रहा है. नड्डा ने कहा कि प्राथमिकता लोगों के शवों को निकालना है और जिनके बचने की संभावना है, उन्हें तुरंत बचाने का प्रयास करना है. यह भी पढ़ें: Wayanad Landslide Update: राहुल गांधी की मांग, वायनाड हादसे में 70 से अधिक लोग मारे गए; भूस्खलन से प्रभावितों को हर संभव मोदी सरकार करें मदद- VIDEO
उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सक्रिय किया गया है और पूरी सरकार इसमें अति सक्रिय होकर काम कर रही है. उन्होंने कहा, ‘‘सरकार की तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी.’’ उन्होंने कहा कि यदि कोई सुझाव भी होंगे तो सरकार उन पर अमल करेगी. संसदीय कार्यमंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), केंद्रीय बलों, सेना और यहां तक की वायु सेना को भी बचाव व राहत अभियान में लगाया गया है.
उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान फिलहाल बचाव व राहत पर है और फिर उसके बाद पुनर्वास सहित अन्य मोर्चों पर लगा जाएगा. वायनाड जिले में मंगलवार तड़के कई जगहों पर हुईं भूस्खलन की घटनाओं में 45 से अधिक लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. बड़ी संख्या में लोग घायल हैं और सैकड़ों अन्य लोगों के अभी भी मलबों में फंसे होने की आशंका है. वायनाड में हुए इस प्राकृतिक हादसे पर राज्यसभा में विभिन्न दलों के नेताओं ने चिंता जताई और सरकार से केरल को जल्द से जल्द आर्थिक और अन्य सहायता मुहैया कराए जाने की मांग की.
केरल से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सदस्य जॉन ब्रिटास ने कहा कि यह बहुत गंभीर मुद्दा है क्योंकि कई गांव भूस्खलन की चपेट में आए हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वायनाड में मौजूद हैं और बचाव व राहत कार्यों की स्वयं निगरानी कर रहे हैं. ब्रिटास ने कहा कि मौजूदा समय में केरल को केंद्र सरकार की हर तरीके से मदद की जरूरत है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के पी संदोष कुमार ने वायनाड के हादसे को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की.
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के अब्दुल वहाब ने कहा कि केरल सरकार के पास कोष की बहुत कमी है इसलिए उसे तत्काल वित्तीय मदद मुहैया कराने की आवश्यकता है. कांग्रेस की जे बी माथेर हिशाम ने कहा कि प्रभावितों की संख्या बहुत बड़ी हो सकती है इसलिए सरकार को इसे तत्काल राष्ट्रीय आपदा घोषित कर हरसंभव कदम उठाने चाहिए. माकपा के ए ए रहीम ने तलाश व राहत अभियान में तेजी लाकर अधिक से अधिक लोगों का जीवन बचाने का अनुरोध किया और कहा कि यह समय केरल को मदद करने का है.
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 30, 2024 12:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

