ताजा खबरें | महामारी के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की शिकायत की कोई सूचना नहीं: सरकार
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. देश में बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) के 2,191 पद और आंगनवाड़ी महिला निरीक्षक के 16,970 पद रिक्त हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा लोकसभा में राहुल गांधी के प्रश्न के लिखित उत्तर में पेश किये गए आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
नयी दिल्ली, छह अगस्त देश में बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) के 2,191 पद और आंगनवाड़ी महिला निरीक्षक के 16,970 पद रिक्त हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा लोकसभा में राहुल गांधी के प्रश्न के लिखित उत्तर में पेश किये गए आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
स्मृति ईरानी ने अपने लिखित उत्तर में यह भी बताया कि किसी राज्य ने मंत्रालय को महामारी के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की शिकायत की कोई सूचना नहीं दी है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी सेवाएं केंद्र प्रायोजित योजना है जिसे राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा लागू किया जाता है।
वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने जानना चाहा था कि क्या आंगनवाड़ी कर्मियों एवं सहायकों को कोविड से जुड़े कार्यो के लिये अतिरिक्त मानदेय दिया जाता है? उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या महामारी के दौरान आंगनवाड़ी कार्मियों के खिलाफ हिंसा की कोई शिकायत मिली है, साथ ही देश में बाल विकास परियोजना अधिकारी और आंगनवाड़ी महिला सुपरवाइजर के कितने पद रिक्त हैं।
इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, ‘‘किसी राज्य ने मंत्रालय को ऐसी किसी घटना (महामारी के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की शिकायत) की सूचना नहीं दी है। हालांकि आंगनवाड़ी कर्मियों और सहायकों की सुरक्षा का दायित्व राज्य प्रशासन पर है।’’
ईरानी द्वारा सदन में पेश किये गए आंकड़ों के अनुसार, बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) के कुल मंजूर 7,075 पदों में से 2,191 पद रिक्त हैं जबकि आंगनवाड़ी महिला निरीक्षक के कुल मंजूर 51,312 पदों में से 16,970 पद रिक्त हैं।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों को रिक्त पदों को भरने का सुझाव दिया जाता है ताकि योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने बताया कि सरकार ने एक अक्तूबर 2018 को आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय को 3,000 रूपये प्रति माह से बढ़ाकर 5,000 रूपये प्रति माह कर दिया और आंगनवाड़ी सहायकों का मानदेय 1,500 रूपये प्रति माह से बढ़ाकर 2,250 रूपये प्रति माह कर दिया गया था तथा प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि के रूप में 250 रूपये प्रति माह देने का प्रावधान भी किया गया।
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