विधान परिषद सदस्य के लिए उद्धव ठाकरे की सिफारिश के खिलाफ दायर याचिका पर राहत नहीं
न्यायमूर्ति एस जे काथावाला ने भाजपा कार्यकर्ता रामकृष्ण पिल्लई की याचिका पर सुनवाई की जिसमें नौ अप्रैल के फैसले को चुनौती देते हुए दावा किया गया है कि कैबिनेट की बैठक अवैध और अनधिकृत रूप से हुई, इसलिए उसकी सिफारिश को रद्द किया जाए।
मुंबई, 20 अप्रैल बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को भाजपा के एक कार्यकर्ता की ओर से दायर याचिका पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। भाजपा कार्यकर्ता ने अपनी याचिका में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को विधान परिषद सदस्य मनोनीत करने की मंत्रिमंडल की सिफारिश को चुनौती दी है।
न्यायमूर्ति एस जे काथावाला ने भाजपा कार्यकर्ता रामकृष्ण पिल्लई की याचिका पर सुनवाई की जिसमें नौ अप्रैल के फैसले को चुनौती देते हुए दावा किया गया है कि कैबिनेट की बैठक अवैध और अनधिकृत रूप से हुई, इसलिए उसकी सिफारिश को रद्द किया जाए।
उल्लेखनीय है कि ठाकरे न तो विधायक है और न ही विधान पार्षद हैं। उन्होंने पिछले साल 28 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और 28 मई तक विधानसभा या विधान परिषद में से किसी एक का सदस्य उन्हें बनना होगा।
महाराष्ट्र के मंत्रिमंडल ने नौ अप्रैल को सिफारिश की कि विधान परिषद में राज्यपाल की ओर से मनोनीत सदस्यों में ठाकरे को शामिल किया जाए।
मंत्रिमंडल ने यह सिफारिश लॉकडाउन की वजह से सभी चुनावों के रद्द होने के बाद की।
न्यायमूर्ति काथावाला ने हालांकि कहा कि याचिका समय से पहले दायर की गई है क्योंकि राज्यपाल को मंत्रिमंडल की सिफारिश पर फैसला लेने का अधिकार है।
अदालत ने इसके साथ ही याचिका पर अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई मई तक टाल दी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 20, 2020 07:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

